सरकाघाट में एचआरटीसी बस दुर्घटनाग्रस्त, 15 से 18 यात्री घायल, नए साल की शुरुआत से हादसों ने बढ़ाई लोगों की चिंता


हिमाचल प्रदेश में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंडी जिले के सरकाघाट क्षेत्र में मंगलवार सुबह एचआरटीसी की एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। यह हादसा गोभड़ता–निली मार्ग पर समसौह पंचायत के अंतर्गत गांव हवाणी के पास हुआ, जहां बस सड़क से फिसलकर नीचे खेतों में जा गिरी। दुर्घटना में 15 से 18 यात्रियों के घायल होने की सूचना है, जिन्हें उपचार के लिए सरकाघाट अस्पताल पहुंचाया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एचआरटीसी की यह बस गोभड़ता से मसेरन होते हुए सरकाघाट की ओर जा रही थी। सुबह करीब आठ बजे जब बस हवाणी गांव के पास पहुंची, तभी अचानक चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और बस सड़क से नीचे लुढ़क गई। हादसे के समय बस में करीब 15 से 18 यात्री सवार बताए जा रहे हैं।

दुर्घटना में बस चालक को अपेक्षाकृत अधिक चोटें आई हैं, जबकि कुछ यात्रियों को मामूली चोटें लगी हैं। राहत की बात यह रही कि अधिकतर यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं और किसी के भी गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद सरकाघाट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना देर किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने घायलों को बस से बाहर निकालने में मदद की और एंबुलेंस की व्यवस्था कर उन्हें अस्पताल पहुंचाया। प्रशासन और पुलिस की टीम भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

गौरतलब है कि नए साल की शुरुआत से ही हिमाचल प्रदेश में सड़क हादसों, आगजनी की घटनाओं और अन्य दुर्घटनाओं की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। आए दिन हो रही इन घटनाओं ने प्रदेश के लोगों के बीच चिंता, भय और शोक का माहौल पैदा कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में संकरी सड़कों, खराब मौसम और वाहनों की तकनीकी स्थिति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बीच यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा, बसों की स्थिति और सावधानीपूर्वक ड्राइविंग की जरूरत पर ध्यान देने की मांग करता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मार्गों पर सुरक्षा इंतजामों को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।