सेब मंडियों में नियम तोड़ने पर सख्ती, 11 मामलों में चालान और 47 हजार रुपये जुर्माना

शिमला/सोलन: हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन के दौरान मंडी व्यवस्था को निर्धारित नियमों के अनुरूप बनाए रखने के लिए कृषि उपज मंडी समितियों ने प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया है। हिमाचल प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HPSAMB) के निर्देशों पर APMC शिमला एवं किन्नौर तथा APMC सोलन की ओर से मंडी परिसरों में नियमों के उल्लंघन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

इसी अभियान के तहत टापरी, पराला और सोलन की मंडियों में नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के उल्लंघन के 11 मामले सामने आए। संबंधित मामलों में चालान जारी करते हुए कुल 47,000 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है।

प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान सबसे प्रमुख अनियमितता यूनिवर्सल कार्टन में निर्धारित सीमा से अधिक सेब भरने यानी ओवरपैकिंग की पाई गई। मंडी व्यवस्था में यूनिवर्सल कार्टन में सेब की पैकिंग के लिए निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य है। अधिकारियों का कहना है कि तय सीमा से अधिक उपज भरने से मंडी में उत्पाद के वजन, गुणवत्ता और पारदर्शी व्यापार व्यवस्था को लेकर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

सेब की पैकिंग के लिए निर्धारित मानकों का उद्देश्य केवल मंडी नियमों का पालन कराना नहीं है, बल्कि किसानों, आढ़तियों और कमीशन एजेंटों सहित सभी संबंधित पक्षों के हितों की रक्षा करना भी है। मानकीकृत पैकिंग से मंडियों में कृषि उपज के मूल्यांकन और विपणन की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाए रखने में मदद मिलती है।

APMC अधिकारियों ने किसानों, आढ़तियों और कमीशन एजेंटों से अपील की है कि मंडी प्रांगण में सेब की खरीद-बिक्री और पैकिंग के दौरान निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन करें। विशेष रूप से यूनिवर्सल कार्टन में निर्धारित मात्रा से अधिक सेब न भरने की हिदायत दी गई है।

मंडी समितियों ने स्पष्ट किया है कि सेब सीजन के दौरान नियमों के अनुपालन की निगरानी आगे भी जारी रहेगी। निरीक्षण के दौरान यदि निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सेब सीजन के दौरान मंडियों में बड़ी मात्रा में फल पहुंचने के बीच यह प्रवर्तन अभियान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हिमाचल की सेब अर्थव्यवस्था में मंडी व्यवस्था किसानों की उपज के विपणन की प्रमुख कड़ी है। ऐसे में पैकिंग, तौल और व्यापार से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन किसानों और खरीदारों दोनों के हित में पारदर्शी कारोबारी व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

HPSAMB और संबंधित APMC का जोर अब इस बात पर है कि सेब सीजन के दौरान मंडी संचालन नियमों के अनुरूप हो और किसी भी स्तर पर निर्धारित प्रक्रियाओं की अनदेखी न की जाए। 11 चालानों के जरिए 47 हजार रुपये की कार्रवाई इसी निगरानी अभियान का हिस्सा है, जिसे आने वाले दिनों में भी जारी रखने की बात मंडी समितियों ने कही है।