15 अगस्त को हिमाचल के 4,967 लाभार्थियों को मिलेगी 20.61 करोड़ रुपये की सहायता, महिलाओं के आवास को भी मिलेगा संबल

हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस इस वर्ष सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर बनने जा रहा है। 15 अगस्त को राज्य के 4,967 पात्र लाभार्थियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत कुल 20.61 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू विशेष रूप से विधवा, निराश्रित, एकल और दिव्यांग महिलाओं को आवास निर्माण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेंगे।

यह सहायता हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की योजनाओं के तहत जारी की जाएगी। बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि कठिन परिस्थितियों में उन्हें बुनियादी जरूरतों के लिए सरकारी सहायता मिल सके।

बड़सर में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री द्वारा विधवा, निराश्रित, एकल और दिव्यांग महिला सहायता योजना के लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह योजना उन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखती है, जिनके पास सुरक्षित और सम्मानजनक आवास की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त आर्थिक संसाधन नहीं हैं। सरकार की ओर से इसे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन में सामाजिक सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।

बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, अब तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को करीब 95 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता वितरित की जा चुकी है। बोर्ड ने आगामी वर्ष में इस सहायता को और व्यापक बनाने का लक्ष्य रखा है और लगभग 300 करोड़ रुपये वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस पूरी व्यवस्था में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण को भी प्राथमिकता दी गई है। लाभार्थियों को सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से भेजी जा रही है। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ बिचौलियों की भूमिका कम करने और लाभार्थियों तक समय पर सहायता पहुंचाने में मदद मिलती है।

बोर्ड की योजनाओं का दायरा केवल आवास सहायता तक सीमित नहीं है। निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, विवाह, स्वास्थ्य, मातृत्व एवं पितृत्व सहायता, मृत्यु एवं अंतिम संस्कार तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा आवश्यकताओं के लिए भी आर्थिक मदद दी जा रही है। इस बार जारी होने वाली सहायता में शिक्षा और विवाह से जुड़ी योजनाओं का हिस्सा सबसे बड़ा है।

आंकड़ों के मुताबिक, विवाह सहायता योजना के तहत 1,758 लाभार्थियों के लिए 8.98 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जबकि शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 2,788 लाभार्थियों को 7.89 करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी। मृत्यु एवं अंतिम संस्कार सहायता के लिए 1.49 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री-प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 89.77 लाख रुपये, विधवा, निराश्रित, एकल एवं दिव्यांग महिला सहायता योजना के लिए 61 लाख रुपये तथा मातृत्व एवं पितृत्व सहायता के लिए 38.02 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।

इन आंकड़ों से यह भी स्पष्ट होता है कि निर्माण श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा सरकार की कल्याणकारी प्राथमिकताओं में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। शिक्षा सहायता योजना के तहत इस बार सबसे अधिक 2,788 लाभार्थियों को सहायता दी जाएगी। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में वित्तीय बाधाओं को कम करना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है।

जिलावार वितरण में हमीरपुर सबसे आगे रहेगा। जिले के 1,298 लाभार्थियों को कुल 5.43 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। कांगड़ा में 720 लाभार्थियों के लिए 2.89 करोड़ रुपये, ऊना में 606 लाभार्थियों के लिए 2.52 करोड़ रुपये और मंडी में 571 लाभार्थियों के लिए 2.80 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा शिमला, सिरमौर, चंबा, बिलासपुर, कुल्लू, किन्नौर और सोलन के पात्र लाभार्थियों को भी विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा।

सरकार के लिए इस सहायता का महत्व केवल वित्तीय वितरण तक सीमित नहीं है। निर्माण क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और सामाजिक सुरक्षा जैसी आवश्यकताओं में सरकारी सहयोग सीधे उनके जीवन स्तर को प्रभावित करता है। खासकर विधवा, निराश्रित, एकल और दिव्यांग महिलाओं के लिए घर निर्माण में सहायता उन्हें असुरक्षा से निकालकर सम्मानजनक जीवन की ओर ले जाने का माध्यम बन सकती है।

15 अगस्त को बड़सर में होने वाला राज्य स्तरीय समारोह इसलिए भी महत्वपूर्ण होगा कि स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय संदेश के साथ सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र परिवारों तक पहुंचाया जाएगा। बोर्ड का बढ़ता वित्तीय लक्ष्य और प्रत्यक्ष बैंक हस्तांतरण की व्यवस्था यह संकेत देती है कि हिमाचल में निर्माण श्रमिकों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को अधिक व्यापक और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।