हरियाणा के शैक्षणिक और सामाजिक परिदृश्य में महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए एक महत्वपूर्ण आयोजन की तैयारी पूरी गति से चल रही है। Kurukshetra University के सभागार में 5 मई को “सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र” विषय पर एक व्यापक संगोष्ठी और प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जिसका उद्घाटन Nayab Singh Saini द्वारा किया जाएगा। यह आयोजन न केवल राज्य बल्कि देश स्तर पर महिलाओं की उपलब्धियों को रेखांकित करने का प्रयास माना जा रहा है।
इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियों की समीक्षा उच्च स्तर पर की जा रही है। सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक K M Pandurang ने वीडियो संवाद के माध्यम से व्यवस्थाओं का आकलन किया और अधिकारियों से विस्तृत प्रतिवेदन प्राप्त किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री के आगमन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, प्रबंधन और आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और सुव्यवस्थित ढंग से पूरी की जाएं। उनकी समीक्षा बैठक से यह संकेत मिलता है कि राज्य सरकार इस आयोजन को एक प्रतिष्ठित मंच के रूप में स्थापित करना चाहती है।
विश्वविद्यालय के कुलपति Somnath Sachdeva ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन विश्वविद्यालय और सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में लगभग 50 पैनलों के माध्यम से देश, हरियाणा और विशेष रूप से कुरुक्षेत्र क्षेत्र की उन महिलाओं की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया जाएगा, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर समाज को नई दिशा दी है। यह प्रदर्शनी केवल उपलब्धियों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत भी बनेगी, जिससे युवा पीढ़ी विशेषकर छात्राओं को आगे बढ़ने का मार्गदर्शन मिलेगा।
संगोष्ठी का उद्देश्य केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे समाज में व्यावहारिक परिवर्तन की दिशा में एक कदम के रूप में भी देखा जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न गांवों में संचालित कौशल केंद्रों—जैसे सिलाई और कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्रों—से जुड़ी महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही वाद-विवाद प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को भी मंच पर सम्मान मिलेगा, जिससे शिक्षा और अभिव्यक्ति के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों को मान्यता दी जा सके।
कार्यक्रम का एक और महत्वपूर्ण पहलू कला और संस्कृति से जुड़ा है। विश्वविद्यालय में आयोजित कला उत्सव में देशभर से आई महिला कलाकारों में से चयनित प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया जाएगा। यह पहल महिला सशक्तिकरण को केवल आर्थिक या शैक्षणिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य से भी देखने का प्रयास है। इसके अतिरिक्त, “सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र” विषय पर विश्वविद्यालय द्वारा तैयार स्मारिका का विमोचन भी इसी अवसर पर किया जाएगा, जो इस विमर्श को स्थायी रूप से दस्तावेज़ित करने का कार्य करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन राज्य की नीतियों और सामाजिक प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से सामने लाते हैं। हरियाणा में महिला सशक्तिकरण को लेकर चल रही पहलों को इस मंच के माध्यम से व्यापक पहचान मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति इस आयोजन को और अधिक महत्व प्रदान करती है, जिससे यह संकेत मिलता है कि राज्य सरकार इस विषय को केवल सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि विकास की केंद्रीय धुरी के रूप में देख रही है।
कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण के विमर्श को नई दिशा दे सकता है, जहां उपलब्धियों का सम्मान और भविष्य की संभावनाओं पर गंभीर चर्चा एक साथ देखने को मिलेगी।





