धर्मशाला।
युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और उनकी रचनात्मक ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित जिला स्तरीय “नशा मुक्त युवा” प्रतियोगिताओं में डाइट कांगड़ा एट धर्मशाला के प्रशिक्षुओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर प्रशिक्षुओं ने न केवल संस्थान का नाम रोशन किया, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर अपनी संवेदनशील सोच और रचनात्मक अभिव्यक्ति का भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
मेरा भारत केंद्र द्वारा संचालित “नशा मुक्त युवा” अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं का आयोजन कॉलेज ऑडिटोरियम में किया गया, जहां नुक्कड़ नाटक, समूह एवं एकल गायन, वाद-विवाद, डिक्लेमेशन, स्लोगन लेखन, पेंटिंग, रील मेकिंग, संगीत और नृत्य जैसी विविध विधाओं के माध्यम से युवाओं ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।
प्रतियोगिता में डाइट धर्मशाला के डी.एल.एड. प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षुओं ने कई श्रेणियों में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की। द्वितीय वर्ष की प्रशिक्षु आरती ने अपनी मधुर प्रस्तुति से निर्णायकों को प्रभावित करते हुए गायन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं पूर्वा थापा ने प्रभावशाली संदेश के साथ स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम वर्ष के प्रशिक्षु चेतन ने तार्किक एवं प्रभावशाली अभिव्यक्ति के बल पर प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी वक्तृत्व क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। रचनात्मक अभिव्यक्ति की एक अन्य विधा रील मेकिंग प्रतियोगिता में आराधना और उनकी टीम ने तृतीय स्थान हासिल कर नशामुक्ति के संदेश को आधुनिक डिजिटल माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
डाइट धर्मशाला के ड्रग एब्यूज प्रिवेंशन कोऑर्डिनेटर डॉ. संजय कुमार ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल प्रतियोगिताएं आयोजित करना नहीं, बल्कि युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी का अहसास कराना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सकारात्मक जीवन मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने कहा कि जब युवा अपनी प्रतिभा को समाजहित के विषयों से जोड़ते हैं, तब वे केवल प्रतियोगिताएं नहीं जीतते, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के प्रभावी वाहक भी बनते हैं। नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और ऐसे कार्यक्रम उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को जिला शिक्षा उपनिदेशक (गुणवत्ता एवं निरीक्षण) एवं जिला परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा, कांगड़ा तथा डाइट कांगड़ा एट धर्मशाला की प्रधानाचार्या श्रीमती निशा कटोच ने सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि युवा शक्ति ही स्वस्थ, जागरूक और विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों के प्रति भी संवेदनशील बने रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने प्रतियोगिता की सफल तैयारी और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ड्रग एब्यूज प्रिवेंशन कोऑर्डिनेटर डॉ. संजय कुमार तथा विशेषज्ञ अध्यापकों श्री राज सिंह कपूर, श्रीमती श्रेष्ठा ठाकुर, श्रीमती चित्रकला, श्रीमती सुमित शर्मा, श्रीमती अंजू शर्मा, श्रीमती वंदना सूदन और श्रीमती मंजू राणा के योगदान की भी सराहना की।
कार्यक्रम का समापन नशामुक्त समाज के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। सभी प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ली। अपने रचनात्मक संदेशों और प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह स्पष्ट किया कि जागरूक, शिक्षित और सकारात्मक सोच वाला युवा ही एक स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त भारत की मजबूत नींव रख सकता है।





