केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर में 30 लाख रुपये की अत्याधुनिक वोकेशनल लैब शुरू, पीएम श्री योजना के बजट के पारदर्शी उपयोग पर जिलाधीश का जोर

हमीरपुर।

शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, कौशल-आधारित और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। जिलाधीश गंधर्वा राठौड़ ने गुरुवार को विद्यालय परिसर में लगभग 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक वोकेशनल लैब का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय प्रबंधन समिति (वीएमसी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय में चल रहे विकास कार्यों, शैक्षणिक गतिविधियों और पीएम श्री योजना के अंतर्गत प्रस्तावित परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा भी की।

बैठक में जिलाधीश ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम श्री योजना के तहत केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर को चालू वित्त वर्ष में लगभग 33.92 लाख रुपये का बजट प्राप्त हुआ है। यह राशि विद्यालय के बुनियादी ढांचे के विकास, मरम्मत कार्यों, स्मार्ट शैक्षणिक संसाधनों, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों, शिक्षकों के प्रशिक्षण, शैक्षणिक भ्रमण, अभिभावक-शिक्षक संवाद तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों पर व्यय की जाएगी।

उन्होंने विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि इस बजट का उपयोग पूरी पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए ही किया जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन का प्रत्येक व्यय नियमों के अनुरूप होना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या वित्तीय लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने पिछले वित्त वर्ष में खर्च की गई राशि का विस्तृत विवरण भी मांगा और पुराने ऑडिट पैरा तथा विकास कार्यों की समीक्षा के लिए एक अलग समिति गठित करने के निर्देश दिए, ताकि वित्तीय जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

जिलाधीश ने बैठक के दौरान विद्यालय से जुड़े कई लंबित बुनियादी ढांचे के मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने विद्यालय की चारदीवारी के निर्माण, परिसर के भीतर स्थापित विद्युत ट्रांसफॉर्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने तथा अन्य आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।

विद्यालय के शैक्षणिक प्रदर्शन की सराहना करते हुए गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा किसी भी शिक्षण संस्थान की सबसे बड़ी पहचान होती है। उन्होंने परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों अरविंद कुमार, अनिल कुमार, नरेंद्र कुमार और एकता सिंह को सम्मानित कर उनके प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि समर्पित शिक्षक ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं।

बैठक के दौरान विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य सचिव एवं प्रधानाचार्य संजय कुमार ने विद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक, प्रशासनिक और विकासात्मक गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यालय में चल रही परियोजनाओं, विद्यार्थियों की उपलब्धियों तथा भविष्य की योजनाओं की भी जानकारी दी।

बैठक के उपरांत जिलाधीश ने नवनिर्मित वोकेशनल लैब का औपचारिक उद्घाटन किया। यह प्रयोगशाला विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ कौशल-आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप स्थापित यह सुविधा विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों, व्यावसायिक शिक्षा और रोजगारोन्मुखी कौशल से जोड़ने का माध्यम बनेगी।

उन्होंने विद्यालय परिसर और उसके आसपास चल रहे विकास कार्यों का भी निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण आधारभूत सुविधाएं, आधुनिक शिक्षण संसाधन और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिल सके।

बैठक में एसडीएम संजीत सिंह, स्कूल शिक्षा उपनिदेशक कमल किशोर भारती, सीपीडब्ल्यूडी, परिवहन, स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, विद्यालय के शिक्षक तथा अभिभावक प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर में अत्याधुनिक वोकेशनल लैब की शुरुआत और पीएम श्री योजना के तहत विकास कार्यों की समीक्षा यह संकेत देती है कि विद्यालय में आधुनिक शिक्षा, कौशल विकास और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था को समान प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले समय में इन पहलों से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसरों के साथ रोजगारोन्मुखी शिक्षा का भी लाभ मिलने की उम्मीद है।