कुरुक्षेत्र : देशभर में भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की धूम के बीच कुरुक्षेत्र के लाडवा स्थित शिवाला रामकुण्डी की पावन धरती पर भी जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान श्री कृष्ण के जीवन, उनके कर्म और भगवद्गीता के संदेश को याद करते हुए समाज को धर्म, सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
जन्माष्टमी के अवसर पर अपने संबोधन में कहा गया कि कुरुक्षेत्र की धरती का भगवान श्री कृष्ण से विशेष और ऐतिहासिक संबंध है। इसी पवित्र भूमि पर श्री कृष्ण ने महाभारत के युद्ध के दौरान अर्जुन को भगवद्गीता का अमर संदेश दिया था। गीता का यह संदेश केवल उस समय की परिस्थितियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आज भी पूरी मानवता को कर्म, धर्म, सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
भगवान श्री कृष्ण के जीवन और उनके उपदेशों को सार्वजनिक जीवन के लिए भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा गया कि गीता का संदेश सदैव प्रेरणा का स्रोत रहा है। श्री कृष्ण ने जीवन में कठिन परिस्थितियों के बीच भी कर्तव्य से विमुख न होने और परिणाम की चिंता किए बिना सही मार्ग पर आगे बढ़ने की सीख दी।
जन्माष्टमी के अवसर पर श्री कृष्ण के जीवन को समाज और विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया गया। कहा गया कि भगवान श्री कृष्ण का जीवन केवल आध्यात्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि उसमें नेतृत्व, साहस, विवेक, कर्तव्य और सामाजिक जिम्मेदारी के अनेक संदेश भी निहित हैं।
भगवान श्री कृष्ण ने समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के साथ खड़े होने तथा दूसरों के सुख-दुख में सहभागी बनने की प्रेरणा दी। उनके जीवन से यह संदेश मिलता है कि समाज के हित में काम करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। इसी भावना के साथ युवाओं से भी राष्ट्र और समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
कुरुक्षेत्र में जन्माष्टमी का आयोजन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। यह वही भूमि है जिसे श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेश से जोड़ा जाता है। इसलिए यहां जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के साथ-साथ उनके कर्मयोग और धर्म के संदेश को स्मरण करने का अवसर भी बन जाता है।
इस अवसर पर हरियाणा और देशवासियों के लिए भगवान श्री कृष्ण से सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। प्रार्थना की गई कि भगवान श्री कृष्ण की कृपा पूरे हरियाणा और राष्ट्र पर बनी रहे तथा भारत निरंतर विकास और प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ता रहे।
जन्माष्टमी का यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज में प्रेम, सद्भाव, सेवा और मानवता की भावना को मजबूत करने का संदेश भी देता है। कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि से दिया गया श्री कृष्ण का संदेश आज भी यही प्रेरणा देता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और कर्तव्य का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए।
जय श्री कृष्ण। 🙏🏻🚩






