शाहपुर के भलेड़ में दर्दनाक हादसा: एक ही गांव के तीन युवकों की मौत, तीन परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

कांगड़ा जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में भलेड़ पावर हाउस के समीप हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे दरीणी क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। देर रात एक मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में बाइक पर सवार तीन युवकों की मौत हो गई। तीनों युवक दरीणी पंचायत के झुनैना/चनैना गांव से संबंधित बताए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान अशोक कुमार, प्रिंस और पवन कुमार के रूप में हुई है।

यह हादसा शुक्रवार देर रात भलेड़ पावर हाउस के पास हुआ। उपलब्ध जानकारी के अनुसार तीनों युवक क्षेत्र में आयोजित एक धार्मिक सम्मेलन में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में दूली काकड़ा के पास भूस्खलन के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। इसी दौरान भलेड़ के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी। पहाड़ी क्षेत्र में रात के अंधेरे और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण हादसे का तत्काल पता नहीं चल सका।

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, हादसे की जानकारी शनिवार सुबह सामने आई। सड़क के किनारे कुछ संदिग्ध स्थिति दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने नीचे खाई में जाकर देखा तो वहां बाइक और तीन युवक पड़े मिले। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। दरीणी पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को सड़क तक पहुंचाया गया। अशोक कुमार को 108 एंबुलेंस तथा पवन और प्रिंस को स्थानीय वाहनों के माध्यम से शाहपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतकों में अशोक कुमार, प्रिंस और पवन कुमार शामिल हैं। विभिन्न स्थानीय रिपोर्टों में उम्र को लेकर अंतर है, जबकि बाद की रिपोर्टों में अशोक की उम्र 38 वर्ष, पवन की 30 वर्ष और प्रिंस की 18 वर्ष बताई गई है। इसलिए उम्र के विवरण को आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड से ही अंतिम रूप से पुष्ट माना जाना चाहिए।

इस हादसे ने तीन परिवारों को ऐसा सदमा दिया है जिसकी भरपाई संभव नहीं। बाद में जब तीनों युवकों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया तो पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। रविवार को पैतृक श्मशानघाट में तीनों की चिताएं एक साथ जलीं। सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया जब 38 वर्षीय अशोक कुमार को उनके पांच वर्षीय बेटे ने मुखाग्नि दी। 18 वर्षीय प्रिंस परिवार का इकलौता बेटा था और उसने हाल ही में जमा दो की पढ़ाई पूरी की थी। वहीं 30 वर्षीय पवन कुमार की चिता को उनके बड़े भाई ने मुखाग्नि दी।

स्थानीय जानकारी के मुताबिक अशोक और पवन मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे थे। प्रिंस अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और परिवार को उससे भविष्य की बड़ी उम्मीदें थीं। तीनों की अचानक मौत ने न केवल परिवारों को भावनात्मक रूप से तोड़ दिया है, बल्कि उनके सामने आर्थिक चुनौतियां भी खड़ी कर दी हैं। एक ही गांव के तीन युवकों की एक साथ मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।

हादसे की सूचना मिलने के बाद शाहपुर के विधायक एवं उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया सिविल अस्पताल शाहपुर पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को लेकर धर्मशाला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से भी बात की और शवों को धर्मशाला ले जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करवाई।

ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सरकार से पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की मांग की है। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों के लोग मौजूद रहे। जिला परिषद सदस्य संदीप ठाकुर, दरीणी पंचायत के प्रधान गगन सिंह, उपप्रधान हंसराज और वार्ड सदस्य किरण देवी समेत कई लोग परिवारों के साथ खड़े दिखाई दिए।

पहाड़ी सड़कों पर रात का सफर फिर बना सवाल
यह हादसा हिमाचल की पहाड़ी सड़कों पर रात के समय वाहन चलाने की चुनौतियों को भी सामने लाता है। भलेड़ जैसे क्षेत्रों में तीखे मोड़, गहरी खाइयां, बारिश के बाद सड़क पर फिसलन और कम दृश्यता वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ा देती है। हालांकि इस दुर्घटना के वास्तविक कारणों का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच के बाद ही होगा, लेकिन प्रारंभिक जानकारी में बाइक के अनियंत्रित होकर खाई में गिरने की बात सामने आई है।

एक धार्मिक कार्यक्रम से जुड़े सफर पर निकले तीन युवकों का घर लौटना उनके परिवारों के लिए जिंदगी की सबसे भयावह खबर में बदल गया। झुनैना/चनैना गांव में एक साथ उठी तीन अर्थियों ने पूरे क्षेत्र को यह एहसास करा दिया कि पहाड़ी सड़कों पर छोटी-सी चूक भी कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। तीन परिवारों के बेटे, भाई और पिता अब उनके बीच नहीं हैं और पूरा गांव इस असमय हुई मौत के गहरे सदमे से गुजर रहा है।