रामपुर। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 28 सितंबर को रामपुर में एंटी-चिट्टा रैली को हरी झंडी दिखाएंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री स्थानीय लोगों से संवाद भी करेंगे और क्षेत्र के लिए विभिन्न विकास योजनाओं के उद्घाटन तथा शिलान्यास कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
मुख्यमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब हिमाचल प्रदेश में चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों की समस्या को लेकर सरकार और पुलिस की ओर से जागरूकता तथा प्रवर्तन, दोनों स्तरों पर अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने हाल में ऊना में एंटी-चिट्टा वॉकाथॉन का नेतृत्व किया था, जिसमें विद्यार्थियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों ने हिस्सा लिया था।
रामपुर में होने वाला कार्यक्रम नशे के खिलाफ जन-जागरूकता को स्थानीय स्तर पर मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं को इस अभियान से जोड़ने का अवसर भी होगा। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी रहने की संभावना है।

रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में हाल के दिनों में चिट्टा तस्करी के मामलों में पुलिस कार्रवाई भी सामने आई है। सितंबर में रामपुर पुलिस ने 20.630 ग्राम चिट्टा बरामदगी के एक मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए एक अन्य संदिग्ध को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया था कि जांच में मादक पदार्थ की आपूर्ति से जुड़े संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम में विकास कार्यों को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संवाद के दौरान सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, रोजगार और अन्य क्षेत्रीय जरूरतों से जुड़े मुद्दे भी सामने आएंगे।
राज्य सरकार का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं हो सकती। जागरूकता, युवाओं की भागीदारी, खेल और शिक्षा के अवसर तथा नशे की आपूर्ति पर कार्रवाई को एक साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है। रामपुर में प्रस्तावित रैली इसी व्यापक अभियान का हिस्सा होगी।
हालांकि, चिट्टा के खिलाफ अभियान की वास्तविक सफलता इस बात से भी तय होगी कि जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ तस्करी के नेटवर्क पर कितनी प्रभावी और निरंतर कार्रवाई होती है। रामपुर में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम इस मुद्दे को स्थानीय स्तर पर फिर केंद्र में लाने वाला है।





