यमुनानगर नागरिक अस्पताल के एडमिन ब्लॉक में देर रात भीषण धमाका, सोलर गीजर ब्लास्ट की आशंका से हड़कंप

यमुनानगर के नागरिक अस्पताल में मंगलवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रात करीब एक बजे अस्पताल परिसर स्थित एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक में जोरदार धमाका हो गया। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उसकी आवाज काफी दूर तक सुनी गई, जिससे आसपास के इलाकों में भी लोग सहम गए। अचानक हुए इस विस्फोट से अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनके तीमारदारों और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों में भारी दहशत फैल गई और लोग घबराकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, धमाके के कारण एडमिन ब्लॉक को गंभीर नुकसान पहुंचा है। विस्फोट के चलते छत से करीब 50 से 60 फीट लंबा एक भारी पिलर टूटकर नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आकर स्वास्थ्य विभाग की एक गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा ब्लास्ट की वजह से एडमिन ब्लॉक के कई हिस्सों में सीलिंग टूट गई, जबकि कई जगहों पर दीवारों में दरारें आ गईं और उनका ढांचा कमजोर हो गया। धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के शीशे तक चकनाचूर हो गए।

घटना के समय अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज भर्ती थे और कई तीमारदार भी मौजूद थे। अचानक हुए इस धमाके से पूरे अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए भय और भ्रम का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन संपत्ति को हुआ नुकसान काफी अधिक बताया जा रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और यह सुनिश्चित किया कि मरीजों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता न हो। इसके साथ ही अस्पताल प्रशासन ने एहतियातन प्रभावित हिस्सों को खाली करवा दिया, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।

वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और आसपास लगे उपकरणों व संरचनाओं की जांच की। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि धमाका छत पर लगे सोलर गीजर में हुआ है। हालांकि सवाल यह भी उठ रहा है कि सोलर गीजर में इतना बड़ा और शक्तिशाली विस्फोट आखिर कैसे हो सकता है। इसी बिंदु पर जांच एजेंसियां गंभीरता से पड़ताल कर रही हैं।

सूत्रों के अनुसार, तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं सोलर गीजर में गैस प्रेशर, तकनीकी खराबी या रखरखाव में लापरवाही तो इस हादसे का कारण नहीं बनी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या सोलर सिस्टम से जुड़ा कोई अन्य उपकरण इस विस्फोट के लिए जिम्मेदार हो सकता है।

फिलहाल प्रशासन और पुलिस दोनों ही इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी उपकरणों की स्थिति की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। जांच पूरी होने के बाद ही धमाके के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा और रखरखाव के मुद्दे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।