शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के समरहिल परिसर में शनिवार सुबह SFI और ABVP से जुड़े छात्रों के बीच हुई झड़प के बाद पुलिस ने पांच छात्रों को गिरफ्तार किया है। घटना में कई छात्रों को मामूली चोटें आने की सूचना है। झड़प के बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनाव की स्थिति बनी रही और पुलिस बल को तैनात किया गया।
पुलिस के अनुसार, दोनों छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच किसी मुद्दे को लेकर बहस हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों को छात्रों के दोनों समूहों को अलग करते हुए देखा जा सकता है।

पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप किया। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों संगठनों की ओर से एक-दूसरे पर हिंसा शुरू करने के आरोप लगाए गए हैं और घटना के बाद दोनों पक्षों ने अलग-अलग विरोध प्रदर्शन भी किए। इसलिए झड़प की शुरुआत किस पक्ष से हुई, इस पर दोनों संगठनों के दावों में अंतर है।
ABVP के कैंपस अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के गेट पर नए विद्यार्थियों के स्वागत के लिए मौजूद ABVP कार्यकर्ताओं पर SFI से जुड़े लोगों ने हमला किया। उन्होंने कई कार्यकर्ताओं के घायल होने का दावा किया और कड़ी कार्रवाई की मांग की। यह आरोप ABVP की ओर से लगाया गया है और पुलिस जांच के जरिए इसकी पुष्टि होना बाकी है।
दूसरी ओर, SFI की ओर से भी घटना को लेकर अपना पक्ष रखा गया है। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के लिए अब यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई, किन लोगों ने हिंसा में हिस्सा लिया और क्या किसी तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया गया।
यह घटना विश्वविद्यालय परिसर में छात्र राजनीति से जुड़ी हिंसा को लेकर पहले से मौजूद चिंताओं को फिर सामने लाती है। HPU में SFI और ABVP के बीच राजनीतिक और संगठनात्मक प्रतिस्पर्धा लंबे समय से देखी जाती रही है, लेकिन कैंपस में किसी भी तरह की हिंसा का सीधा असर सामान्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों और सुरक्षा की भावना पर पड़ सकता है।
पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अब दोहरी चुनौती है—मामले की निष्पक्ष जांच करना और परिसर में शैक्षणिक माहौल को सामान्य बनाए रखना। पुलिस के अनुसार, पांच छात्रों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की कार्रवाई जांच के तथ्यों के आधार पर की जाएगी।





