एचपीशिवा परियोजना को मिली नई गति, नंधन क्लस्टर में अमरूद के पौधारोपण का शुभारंभ

भोरंज (हमीरपुर) । हिमाचल प्रदेश में बागवानी क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से शुरू की गई महत्वाकांक्षी एचपीशिवा (HP SHIVA) परियोजना के तहत हमीरपुर जिले के नंधन क्लस्टर में सोमवार से अमरूद के पौधारोपण अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर एसडीएम भोरंज शशिपाल ने पौधारोपण की शुरुआत करते हुए इसे प्रदेश के निम्न पर्वतीय क्षेत्रों में फलोत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीएम शशिपाल ने कहा कि एचपीशिवा परियोजना केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों और बागवानों की आय बढ़ाने तथा बागवानी को लाभकारी व्यवसाय बनाने की व्यापक योजना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पारंपरिक खेती के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली फल फसलों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत किसानों को बागवानी के प्रत्येक चरण में संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। भूमि विकास, सिंचाई व्यवस्था, गुणवत्तायुक्त पौधों की उपलब्धता, बागों की फेंसिंग, आधुनिक तकनीकों का उपयोग, फलों के वैज्ञानिक प्रबंधन, विपणन और प्रसंस्करण जैसी सुविधाओं को एकीकृत रूप से शामिल किया गया है, ताकि किसानों को उत्पादन से लेकर बाजार तक बेहतर समर्थन मिल सके।

एसडीएम ने क्षेत्र के किसानों और बागवानों को इस पहल के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब किसान आधुनिक बागवानी तकनीकों को अपनाने के साथ पौधों की नियमित देखभाल भी सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बागवानों से विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे तकनीकी मार्गदर्शन और वैज्ञानिक सलाह का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।

उद्यान विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि नंधन क्लस्टर में लगभग पांच हेक्टेयर क्षेत्र में अमरूद के उन्नत किस्मों के पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए करीब 5,000 गड्ढों की तैयारी की जा रही है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र आधुनिक फल उत्पादन का एक मॉडल क्लस्टर बनकर उभरेगा, जिससे स्थानीय किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

अधिकारियों ने बताया कि एचपीशिवा परियोजना का उद्देश्य जलवायु के अनुरूप फल फसलों का वैज्ञानिक विस्तार करना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना है। परियोजना के माध्यम से बागवानी को संगठित और व्यावसायिक स्वरूप देने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

पौधारोपण कार्यक्रम में उद्यान विभाग के एसएमएस डॉ. अमित कुमार, उद्यान विकास अधिकारी डॉ. ज्योति देवी, डॉ. विपन कुमार, उद्यान प्रसार अधिकारी ज्योति शर्मा सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में स्थानीय किसान और बागवान भी कार्यक्रम में शामिल हुए और परियोजना को क्षेत्र की कृषि एवं बागवानी के लिए एक सकारात्मक पहल बताया।

प्रदेश सरकार की एचपीशिवा परियोजना को हिमाचल में फल आधारित कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक दीर्घकालिक पहल माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार के क्लस्टर आधारित मॉडल सफल रहते हैं, तो इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और कृषि आधारित उद्यमिता को भी नई गति मिलेगी।

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