कुल्लू में कनिष्ठ अभियंता की हत्या से दहला हिमाचल, कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

हिमाचल प्रदेश के शांत और सौहार्दपूर्ण वातावरण को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना में जल शक्ति विभाग, कुल्लू मंडल में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता लाभ सिंह गुलेरिया का उपचार के दौरान निधन हो गया। उन्हें कुछ दिन पहले अज्ञात हमलावरों ने कथित तौर पर जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था और कार्यालय के समीप घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए थे।

घटना के बाद लाभ सिंह गुलेरिया को गंभीर हालत में उपचार के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), बिलासपुर में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के लगातार प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। इस घटना से न केवल जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों, बल्कि पूरे प्रदेश में शोक और आक्रोश का माहौल है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमलावरों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हमले के पीछे के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारी घटनास्थल के आसपास के साक्ष्यों और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश लंबे समय से देश के सबसे शांत और सुरक्षित राज्यों में गिना जाता रहा है। ऐसे में दिनदहाड़े एक सरकारी अधिकारी पर जानलेवा हमला और उसके बाद उनकी मृत्यु ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। इस प्रकार की घटनाएं न केवल आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों के मनोबल पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।

अब समय आ गया है कि राज्य सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियां ऐसे मामलों में त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। दोषियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी अपराधी इस प्रकार की जघन्य वारदात को अंजाम देने का दुस्साहस न कर सके।

प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी संगठनों और सामाजिक संगठनों ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। पूरे हिमाचल की नजर अब इस बात पर है कि जांच एजेंसियां इस मामले को कितनी तेजी और प्रभावी ढंग से अंजाम तक पहुंचाती हैं।