हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लगभग 2 करोड़ 86 लाख रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाएं जनता को समर्पित की हैं। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं आयुष मंत्री आरती सिंह राव ने इन परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए कहा कि तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण के दबाव को देखते हुए स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार अब राज्य की प्राथमिकता बन चुका है।
गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में पटौदी की विधायक बिमला चौधरी की उपस्थिति में मंत्री ने कहा कि गुरुग्राम, हरियाणा का सबसे अधिक आबादी वाला जिला होने के कारण यहां स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार निरंतर आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल सुविधाओं का विस्तार नहीं, बल्कि उन्हें सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध बनाना भी है, ताकि आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं अपने नजदीक ही मिल सकें।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में संरचनात्मक बदलाव किए जा रहे हैं। नए अस्पताल भवनों, उप स्वास्थ्य केंद्रों और ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स की स्थापना के माध्यम से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम ऐसा जिला है जहां सबसे अधिक सब-हेल्थ सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उनके आसपास ही उपलब्ध हो रही हैं।
आरती सिंह राव ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में जिले में कई और परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। बाघनकी क्षेत्र में एक नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की स्थापना की योजना है, जबकि घामड़ोज गांव में नया सब-हेल्थ सेंटर प्रस्तावित है। इन पहलों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और मजबूत करना है, जहां अब भी चिकित्सा सुविधाओं की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
वर्तमान वित्त वर्ष के बजट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में स्वास्थ्य अधोसंरचना को सशक्त बनाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत आठ नए सब-हेल्थ सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जबकि रणसीका, रीठोज और सिधारवाली में तीन नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे। इसके अलावा, दौलताबाद और वजीराबाद स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड कर कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) बनाया जाएगा, जिससे विशेषज्ञ सेवाएं और आधुनिक उपकरण स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और उन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की बात कही, ताकि दीर्घकालिक और भरोसेमंद स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना है।
इस मौके पर उप मंडल नागरिक अस्पताल हेलीमंडी में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट का भी उद्घाटन किया गया। यह यूनिट पटौदी ब्लॉक के लिए एक डायग्नोस्टिक हब के रूप में कार्य करेगी, जहां हीमोग्लोबिन, ईएसआर, ब्लड शुगर, डेंगू, मलेरिया और ब्लड ग्रुप जैसी आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इसके अतिरिक्त, गांव चंदू में लगभग 89.45 लाख रुपये की लागत से निर्मित उप स्वास्थ्य केंद्र भवन तथा नूरगढ़ और महचाना गांवों में नए उप स्वास्थ्य केंद्रों का उद्घाटन भी किया गया। नूरगढ़ केंद्र पर करीब 81.89 लाख रुपये और महचाना में लगभग 64.83 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इन परियोजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित होते जिले में स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में इन परियोजनाओं को राज्य सरकार के व्यापक स्वास्थ्य सुधार एजेंडे के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य हर नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।





