सब्जी मंडी . एनएच-305, बस सुविधा . दूध भुगतान और जर्जर सड़कों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी जनता के सामने उजागर करने की चेतावनी, दुनी चन्द ठाकुर भी आमरण अनशन में साथ बैठने को तैयार
आनी 20 अगस्त। आनी क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर चल रहे क्रमिक धरने का वीरवार को अठारहवां दिन रहा। धरने का नेतृत्व कर रहे पदम प्रभाकर ने सरकार. प्रशासन और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से इन गंभीर समस्याओं पर तत्काल संज्ञान लेकर जनता को स्पष्ट जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासी लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी और अनेक समस्याओं से जूझ रहे हैं . लेकिन इन मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों की चुप्पी चिंता का विषय है।
धरने के दौरान पदम प्रभाकर ने सब्जी मंडी की समस्याओं.राष्ट्रीय राजमार्ग-305 की बदहाल स्थिति. आनी क्षेत्र में बसों की कमी व खटारा बसों के संचालन, जून-जुलाई माह के दूध उत्पादकों के लंबित भुगतान तथा जर्जर सड़कों सहित पांच प्रमुख जनहित के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का सीधा प्रभाव किसानों.बागवानों. दूध उत्पादकों. विद्यार्थियों.कर्मचारियों और आम यात्रियों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार और संबंधित विभागों को अब आश्वासनों के बजाय धरातल पर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि बुधवार को एसडीएम आनी लक्ष्मण कनैत के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई है। पदम प्रभाकर ने चेतावनी दी कि यदि आगामी पांच दिनों के भीतर मांगों को लेकर सकारात्मक और ठोस आश्वासन नहीं मिला तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाते हुए आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
पदम प्रभाकर ने कहा कि जल्द ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस आनी के अध्यक्ष . भाजपा मंडल अध्यक्ष तथा किसान सभा आनी के अध्यक्ष को भी पत्र सौंपकर इन जनहित के मुद्दों पर उनका स्पष्ट रुख पूछा जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि क्षेत्र की इन गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए उनके जनप्रतिनिधियों की क्या भूमिका है। यदि जनप्रतिनिधि लगातार मौन रहे तो उनकी चुप्पी और रवैये को जनता के सामने उजागर किया जाएगा।
वहीं भाजपा नेता दुनी चन्द ठाकुर ने कहा कि ये मुद्दे किसी व्यक्ति विशेष या संगठन के नहीं. बल्कि पूरे आनी क्षेत्र की जनता से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से समस्याएं उठाने के बावजूद यदि सरकार और संबंधित विभाग गंभीरता नहीं दिखाते हैं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो वह भी पदम प्रभाकर के साथ आमरण अनशन पर बैठेंगे.जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित विभाग की होगी।
उन्होंने कहा कि जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। जब तक इन मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते . संघर्ष जारी रहेगा। धरना स्थल पर वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि आंदोलन का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का विरोध करना नहीं.बल्कि आनी क्षेत्र की जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान करवाना है।
वक्ताओं ने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की कि जनहित के इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाए और जनता को राहत प्रदान की जाए। साथ ही उन्होंने चेताया कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।





