राम मंदिर दान विवाद पर कांग्रेस का शिमला से बड़ा सियासी संदेश, गांव-गांव तक ले जाएगी आंदोलन; विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा को घेरने की तैयारी

शिमला :

अयोध्या राम मंदिर में कथित दान अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को शिमला में शक्ति प्रदर्शन करते हुए इसे राज्यव्यापी जनआंदोलन का रूप देने के संकेत दिए। प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पूर्व विधायकों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कांग्रेस ने इस पूरे मुद्दे को करोड़ों राम भक्तों की आस्था से जुड़ा बताते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग दोहराई।

शिमला में जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) और जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के संयुक्त तत्वावधान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन से राम मंदिर तक भजन-कीर्तन करते हुए पदयात्रा निकाली। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भगवान श्रीराम के भजन गाए और आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देश और विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ दान दिया था। ऐसे में यदि दान राशि के दुरुपयोग या अनियमितताओं के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की जांच में पूरी पारदर्शिता दिखाई जानी चाहिए और दोषियों को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।

शिमला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष हरिकृष्ण हिमराल ने कहा कि कांग्रेस इस आंदोलन को केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसे प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक और गांव तक ले जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर इस मुद्दे को जनता के बीच उठाएंगे।

प्रदर्शन में कांग्रेस उपाध्यक्ष अमित नंदा, रमेश ठाकुर, केहर सिंह खाची, चंद्रशेखर, पूर्व विधायक सोहन लाल, आदर्श सूद, चिरंजी लाल, चेयरमैन दीपक राठौर, बलदेव ठाकुर, विनीत गौतम, सोनिया चौहान, बीडीसी चेयरमैन जीत ठाकुर, कौशल्या शर्मा, सत्या वर्मा सुन्नी, बृज लाल (रामपुर), जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र रेटका, संदीप शरोल, प्रियंका तंवर, अनीता शर्मा, बीडीसी सदस्य लाल सिंह, विशाल, ओम प्रभा, शीतल, अंकिता, सत्या वर्मा रुलदुभाटा, पार्षद विशाखा मोदी, प्रवीण गुप्ता, शमीना, ममता, प्रधान जितेंद्र ठाकुर, कैप्टन एस.के. सहगल, देवेंद्र बंटी, लाल चंद, शिव लाल, दिनेश चौहान, संजय शर्मा, जितेंद्र मेहता, राम कृष्ण शांडिल, प्रदीप वर्मा, कमल प्रकाश, उमा कौशल, उमंग बंगा, जगदीश ठाकुर, प्रवीण, दिनेश मेहता, हरीश, दिनेश शांडिल, आर.पी. सिंह, वीनेश ठाकुर, अनीता वर्मा, वेद प्रकाश शांडिल, अनीता ठाकुर, शशि ठाकुर, अनीता शर्मा खटनोल, प्रभा वर्मा, वृंदा, आशा, रोशन, कुलदीप ठाकुर, विक्रांत, विक्रम ठाकुर, विमला, शोभा, बिट्टू घारू, महासचिव ज्योति खन्ना, विवेक थापर, नरेश कैंथला, अक्षित नंदा, जोगटा, रूप लाल, वनिता वर्मा, सबला राम, अनिल तंवर, शशि, दीपा जयपाल सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

राजनीतिक दृष्टि से कांग्रेस इस मुद्दे को आगामी हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़े जनसंपर्क अभियान में बदलने की तैयारी करती दिखाई दे रही है। पार्टी का मानना है कि धार्मिक आस्था और सार्वजनिक धन में पारदर्शिता जैसे मुद्दे जनता के बीच व्यापक चर्चा का विषय बन सकते हैं। हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि यह मुद्दा चुनावी परिणामों को किस हद तक प्रभावित करेगा, क्योंकि इसका प्रभाव अंततः मतदाताओं की प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।