हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास ‘संत कबीर कुटीर’ में बुधवार को हरियाली तीज का उत्सव पारंपरिक उल्लास, लोक संस्कृति और महिला शक्ति के संदेश के साथ मनाया गया। सावन की हरियाली और तीज की लोक परंपराओं से सजे इस आयोजन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने लोकगीतों, नृत्य, झूलों और पारंपरिक व्यंजनों के बीच पर्व की खुशियां साझा कीं।
कार्यक्रम ने महज एक धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन का रूप नहीं लिया, बल्कि हरियाणा की लोक विरासत, सामाजिक रिश्तों और महिलाओं के सम्मान को केंद्र में रखने वाले एक व्यापक सांस्कृतिक उत्सव की तस्वीर पेश की। मुख्यमंत्री आवास का परिसर रंग-बिरंगे झूलों, गेंदे के फूलों और ग्रामीण शिल्प से सजाया गया था। ढोल-नगाड़ों की थाप और पारंपरिक लोकगीतों के बीच अतिथियों का स्वागत किया गया, जिससे वातावरण में सावन की पारंपरिक उमंग स्पष्ट दिखाई दी।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ समारोह की शुरुआत हुई। आयोजन में राजनीति, प्रशासन, समाजसेवा और सार्वजनिक जीवन से जुड़ी अनेक प्रमुख महिलाओं ने भाग लिया। पंजाब के राज्यपाल की धर्मपत्नी अनीता कटारिया, हरियाणा के राज्यपाल की धर्मपत्नी मित्रा घोष तथा मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी और हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष सुमन सैनी प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।
हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी, विधायक शक्ति रानी शर्मा, सावित्री जिंदल, रेनू बाला और शैली चौधरी, भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग की अध्यक्ष बंतो कटारिया तथा हरियाणा महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार सहित अनेक गणमान्य महिलाओं ने भी समारोह में भाग लिया।
सावन के झूलों ने कार्यक्रम का आकर्षण और बढ़ा दिया। महिलाओं ने पारंपरिक पींगें बढ़ाईं और तीज के लोकगीतों के साथ अपनी सांस्कृतिक स्मृतियों को जीवंत किया। हरियाणवी लोक नृत्यों की प्रस्तुतियों ने समारोह को ग्रामीण हरियाणा की पारंपरिक रंगत से जोड़ दिया। यह दृश्य उस लोक संस्कृति की याद दिलाता रहा, जिसमें तीज केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं बल्कि महिलाओं के सामाजिक मेल-जोल, उत्सव और सामूहिक अभिव्यक्ति का अवसर भी है।
समारोह में हरियाणा के पारंपरिक खान-पान को भी विशेष स्थान दिया गया। अतिथियों के लिए घेवर, सुहाली, गुलगुले और शक्करपारे जैसे तीज के पारंपरिक व्यंजन तैयार किए गए। आयोजन के अंत में महिलाओं को पारंपरिक ‘कोथली’ भी भेंट की गई, जो हरियाणवी तीज संस्कृति में स्नेह, शुभकामना और पारिवारिक आत्मीयता का प्रतीक मानी जाती है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को हरियाली तीज की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तीज केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि हरियाली, उमंग और हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। उन्होंने प्रकृति को जीवन और संस्कृति से जोड़ते हुए कहा कि हरियाली प्रकृति का वास्तविक श्रृंगार है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने का संदेश भी दिया। उन्होंने मेहंदी के रंग का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह हाथों में रची मेहंदी का रंग गहरा होता है, उसी तरह परिवार और समाज के बीच विश्वास तथा सामाजिक समरसता भी मजबूत होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने तीज के मंच से बेटियों की शिक्षा और उनके सशक्तीकरण को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सावन के झूलों की पींग जितनी ऊंची जाती है, बेटियों के सपनों और उनकी उड़ान उससे भी अधिक ऊंची होनी चाहिए। उनका यह संदेश हरियाणा में महिलाओं और बेटियों को आगे बढ़ाने की सरकार की नीतियों से जोड़कर देखा गया।
सैनी ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पानीपत की धरती से इस अभियान की शुरुआत की थी और हरियाणा ने इसे सामाजिक आंदोलन का रूप देने की दिशा में काम किया। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की बेटियां खेल, विज्ञान, सेना, प्रशासन, कृषि और स्टार्टअप सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं और राज्य का गौरव बढ़ा रही हैं।
महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को लेकर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को केवल सामाजिक सुरक्षा की लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार के रूप में देखती है। इसी दृष्टिकोण के तहत आर्थिक सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 2,100 रुपये की सहायता दी जा रही है। सरकार के अनुसार, अब तक लगभग 10 लाख महिलाओं को इस योजना के तहत कुल 2,042 करोड़ 31 लाख रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने ‘हर घर-हर गृहिणी’ पहल का भी उल्लेख किया, जिसके तहत पात्र परिवारों की महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी सुमन सैनी ने भी उपस्थित महिलाओं और प्रदेशवासियों को तीज की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हरियाली तीज हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान, प्रकृति के प्रति प्रेम और नारी शक्ति के सम्मान से जुड़ा पर्व है। उनके अनुसार, ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं, सांस्कृतिक जड़ों और सामाजिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हरियाली तीज के इस आयोजन ने एक ओर जहां हरियाणा की पारंपरिक संस्कृति को मंच दिया, वहीं दूसरी ओर महिला सशक्तीकरण, बेटियों की शिक्षा और सामाजिक समरसता जैसे व्यापक संदेशों को भी सामने रखा। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित यह समारोह इस बात का उदाहरण बना कि लोक पर्व आधुनिक सार्वजनिक जीवन में भी अपनी सांस्कृतिक प्रासंगिकता बनाए रख सकते हैं।
सावन की हरियाली, झूलों की पींग, लोकगीतों की गूंज और पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू के बीच संपन्न हुआ यह आयोजन अंततः हरियाणा की उस सांस्कृतिक परंपरा को रेखांकित करता रहा, जिसमें उत्सव केवल मनोरंजन नहीं बल्कि समाज, परिवार, प्रकृति और आने वाली पीढ़ियों के बीच संबंधों को मजबूत करने का माध्यम भी है।





