हरियाणा में आज मौसम का बड़ा उलटफेर, तेज आंधी, ओलावृष्टि और गरज-चमक का अलर्ट;

उत्तर भारत में भीषण गर्मी के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, गरज-चमक, ओलावृष्टि और बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी गतिविधियों के प्रभाव से अगले 24 घंटे के दौरान मौसम काफी सक्रिय रह सकता है।

हरियाणा के कई जिलों में आज धूल भरी आंधी के साथ तेज तूफान आने की आशंका जताई गई है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही ओलावृष्टि और मध्यम से तेज बारिश की भी संभावना व्यक्त की गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। कई क्षेत्रों में दोपहर बाद आसमान में घने बादल छाने लगेंगे और शाम तक तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो सकता है। बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

नूंह, पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, भिवानी, रेवाड़ी, झज्जर, रोहतक और हांसी सहित अनेक क्षेत्रों में तेज धूल भरी हवाएं चलने की संभावना है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर बारिश की तीव्रता अधिक भी रह सकती है।

मौसम विभाग का कहना है कि दिनभर आंशिक बादल छाए रहने के बाद दोपहर तक बादलों का घनत्व बढ़ेगा। इसके चलते तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा सकती है। अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से अस्थायी राहत मिलने की संभावना है।

विशेषज्ञों ने किसानों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। खेतों में रखी फसल, पशुओं के चारे तथा कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर रखने का सुझाव दिया गया है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि से बागवानी तथा सब्जी उत्पादकों को नुकसान होने की आशंका भी जताई जा रही है।

उधर हिमाचल प्रदेश में भी मौसम विभाग ने 30 मई के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर राज्य के अधिकांश जिलों में अंधड़, बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने से भूस्खलन और सड़क यातायात प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक मौसम बदलने की घटनाएं आम हैं, इसलिए वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव उत्तर भारत में प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने का संकेत भी हो सकता है। हालांकि अभी मानसून के आगमन में समय है, लेकिन बीच-बीच में होने वाली ऐसी वर्षा और आंधी की घटनाएं गर्मी की तीव्रता को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और कच्चे ढांचों से दूर रहें। बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें तथा अनावश्यक यात्रा से बचें।

कुल मिलाकर हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लिए आज का दिन मौसम के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर तेज तूफान, ओलावृष्टि और बिजली गिरने जैसी घटनाएं जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।