शिमला। : हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) के समरहिल परिसर में छात्र विवाद के बाद एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई। विश्वविद्यालय के विधि विभाग में छात्रों के बीच विवाद और कथित झड़प के बाद बुधवार को पुलिस को कानून-व्यवस्था संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस के काम में कथित तौर पर बाधा डालने के आरोप में सात युवकों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर में कानून-व्यवस्था की ड्यूटी के दौरान कुछ युवकों ने पुलिसकर्मियों के काम में हस्तक्षेप करने और मौके पर अव्यवस्था पैदा करने का प्रयास किया। इसके बाद क्विक रिएक्शन टीम (QRT) को मौके पर बुलाया गया और सात युवकों को हिरासत में लेकर पुलिस थाना बालूगंज ले जाया गया। पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है और मामले की जांच जारी है।

गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान कमलेश निवासी करसोग, मंडी; प्रवेश निवासी शिलाई, सिरमौर; मुकेश और चमन निवासी चुराह, चंबा; आशीष निवासी ननखड़ी, शिमला; किशोर कुमार निवासी कुल्लू सदर और हैप्पी निवासी थुनाग, मंडी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, सभी को विश्वविद्यालय परिसर में कानून-व्यवस्था की स्थिति के दौरान पुलिस कार्य में कथित बाधा डालने के मामले में पकड़ा गया।
इस घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विश्वविद्यालय सुरक्षा से जुड़े अधिकारी छात्रों से पूछताछ करते दिखाई दे रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, परिसर में छात्रों के बैग की तलाशी के दौरान धारदार हथियार मिलने की बात सामने आई है। पूछताछ के दौरान कुछ युवकों ने कथित तौर पर बैग किसी अन्य छात्र का होने की बात कही, हालांकि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उनके जवाबों पर सवाल उठाए।
वीडियो में सुरक्षा अधिकारी छात्रों को कड़ी फटकार लगाते हुए यह सवाल करते दिखाई देते हैं कि वे विश्वविद्यालय पढ़ने के लिए आते हैं या किसी हिंसक घटना को अंजाम देने के लिए। अधिकारी ने छात्रों के व्यवहार और कथित रूप से हथियार लेकर परिसर में पहुंचने पर नाराजगी जताई। हालांकि, बरामद वस्तुओं, उनके स्वामित्व और उनके इस्तेमाल को लेकर अंतिम स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्र संगठनों के बीच तनाव को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। 19 सितंबर को SFI और ABVP से जुड़े छात्रों के बीच झड़प की घटना में कई छात्रों के घायल होने की खबर आई थी। दोनों छात्र संगठनों ने एक-दूसरे पर हमले के आरोप लगाए थे। पुलिस मौके पर पहुंची थी और दोनों पक्षों के दावों के बीच मामले की जांच की जा रही थी।
इसके अलावा, 22 सितंबर को विश्वविद्यालय के विधि विभाग के बाहर एक छात्र के साथ कथित मारपीट, रास्ता रोकने और धमकी देने के मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस तरह दो दिनों में सामने आए अलग-अलग मामलों में कुल नौ युवकों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई हुई है।
विश्वविद्यालय परिसर में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था और छात्र संगठनों की गतिविधियों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खासतौर पर शैक्षणिक परिसर में किसी भी तरह के धारदार हथियार की मौजूदगी की बात सामने आने से चिंता बढ़ी है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि हथियार किसके थे, उन्हें परिसर में क्यों लाया गया और क्या उनका किसी झड़प में इस्तेमाल हुआ—इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पुलिस ने फिलहाल कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को नियंत्रण में रखने पर जोर दिया है। सात युवकों की गिरफ्तारी पुलिस ड्यूटी में कथित बाधा और मौके पर अव्यवस्था पैदा करने के आरोप में हुई है। पुलिस के मुताबिक मामले की आगे जांच की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का विधि विभाग राज्य में कानूनी शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र है और विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार यहां कानूनी शिक्षा के साथ-साथ छात्रों में नेतृत्व, सामाजिक जिम्मेदारी और सुशासन की समझ विकसित करने पर जोर दिया जाता है। ऐसे में परिसर में बार-बार होने वाली झड़पें और पुलिस कार्रवाई विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने छात्र सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने की चुनौती को भी रेखांकित करती हैं।
फिलहाल पुलिस जांच के साथ-साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र संगठनों के बीच बढ़ते तनाव को रोकने, परिसर में हथियारों की संभावित पहुंच पर निगरानी मजबूत करने और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है।




