हिमाचल में शतरंज को नई दिशा देंगे कृष्ण कुमार सकलानी, राज्य शतरंज एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त

मंडी/नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश में शतरंज खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवी और जोगिन्दरनगर विकास मंच के संस्थापक कृष्ण कुमार सकलानी को हिमाचल प्रदेश राज्य शतरंज एसोसिएशन का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति को राज्य में शतरंज खेल के विस्तार और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

ऑल इंडिया चेस फेडरेशन द्वारा की गई इस नियुक्ति के बाद नई दिल्ली स्थित हिमाचल भवन में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली तथा राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न शतरंज संस्थाओं के पदाधिकारियों और खेल जगत से जुड़े गणमान्य लोगों ने भाग लिया। समारोह में शतरंज के विकास, युवाओं की भागीदारी और खेल संस्कृति को गांव-गांव तक पहुंचाने पर विशेष चर्चा की गई।

मंडी जिले के जोगिन्दरनगर उपमंडल के लडभड़ोल क्षेत्र के खद्दर गांव से संबंध रखने वाले कृष्ण कुमार सकलानी की यह उपलब्धि ग्रामीण हिमाचल के लिए भी गर्व का विषय मानी जा रही है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लडभड़ोल में प्राप्त की और बाद में दिल्ली में उच्च शिक्षा हासिल की। व्यवसाय और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सकलानी लंबे समय से हिमाचल के विकास और सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहे हैं।

समारोह को संबोधित करते हुए कॉमनवेल्थ शतरंज एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत सिंह चौहान ने कहा कि भारत में शतरंज की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है, लेकिन उत्तरी भारत में अभी भी इस खेल के व्यापक विस्तार की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में विश्व के 182 से अधिक देशों में शतरंज खेला जा रहा है और कई देशों में इसके लिए समर्पित टेलीविजन तथा डिजिटल प्रसारण मंच भी संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि हिमाचल प्रदेश में शतरंज के विकास के लिए नई ऊर्जा और नए दृष्टिकोण के साथ काम किया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश शतरंज एसोसिएशन के सचिव संजीव ठाकुर ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा शतरंज प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि जुब्बल स्पोर्ट्स हॉस्टल में शतरंज खेलने वाली दस प्रतिभाशाली छात्राओं को प्रवेश दिया गया है, जिन्हें राज्य सरकार के खर्च पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए भी प्रायोजित किया जाएगा।

देवभूमि शतरंज एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय चड्ढा ने कहा कि कृष्ण कुमार सकलानी के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश में शतरंज को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह खेल केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं में तार्किक सोच, अनुशासन और सकारात्मक मानसिकता विकसित करने का एक प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ती नशे की समस्या से मुकाबला करने में खेल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और शतरंज युवाओं को रचनात्मक दिशा देने का सशक्त माध्यम बन सकता है।

अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कृष्ण कुमार सकलानी ने ऑल इंडिया चेस फेडरेशन और राज्य शतरंज एसोसिएशन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक पद नहीं बल्कि हिमाचल के युवाओं और खेल प्रतिभाओं के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राज्य के विभिन्न जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों में शतरंज प्रतियोगिताओं का आयोजन कर खेल को व्यापक स्तर पर लोकप्रिय बनाया जाएगा।

सकलानी ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल प्रतियोगिताएं आयोजित करना नहीं, बल्कि हिमाचल में शतरंज के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करना है, ताकि राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। उन्होंने युवाओं को खेलों से जोड़ने और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार पर भी बल दिया।

व्यवसायिक क्षेत्र में भी कृष्ण कुमार सकलानी एक स्थापित नाम हैं। वे फैशन और परिधान उद्योग से जुड़ी प्रतिष्ठित कंपनी ‘सारा क्रिएशन इंक’ के संस्थापक भागीदार हैं। इसके साथ ही वे दिल्ली में सक्रिय विभिन्न हिमाचली सामाजिक संगठनों से भी गहराई से जुड़े हुए हैं और सामाजिक, धार्मिक तथा जनकल्याणकारी गतिविधियों में नियमित रूप से भाग लेते रहे हैं।

सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने मंडी जिले सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविरों का आयोजन करवाया, जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहायता प्रदान की, कोविड-19 महामारी के दौरान जरूरतमंद लोगों तक राशन पहुंचाने में सहयोग किया तथा आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षा के लिए भी लगातार मदद की है।

खेल, शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कृष्ण कुमार सकलानी की यह नई जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश में शतरंज के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक दृष्टिकोण से राज्य में शतरंज को नई पहचान मिलेगी और यह खेल आने वाले वर्षों में गांवों से लेकर राष्ट्रीय मंच तक नई प्रतिभाओं को आगे लाने का माध्यम बनेगा।

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