1089 दिन से आंदोलन पर दृष्टिबाधित, लिखित आश्वासन नहीं मिला तो दिल्ली कूच की चेतावनी

शिमला — हिमाचल प्रदेश में दृष्टिबाधित लोगों का आंदोलन 1089वें दिन भी जारी रहा। संगठन के सदस्यों ने मंगलवार को शिमला स्थित सचिवालय के बाहर धरना दिया और अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
आंदोलनकारियों का कहना है कि तीन वर्ष से अधिक समय बीतने के बावजूद उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। संगठन ने सरकार से लिखित आश्वासन की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो वे दिल्ली का रुख करेंगे।


प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में दिव्यांगजनों के लिए खाली पड़े आरक्षित पदों को भरना, भर्ती प्रक्रिया शुरू करना और पेंशन में वृद्धि शामिल है। संगठन का दावा है कि विभिन्न विभागों में दृष्टिबाधित युवाओं के लिए आरक्षित बड़ी संख्या में बैकलॉग पद लंबे समय से खाली हैं।
आंदोलनकारियों ने कहा कि वे दिल्ली पहुंचकर केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री कार्यालय और संबंधित दिव्यांगता आयोग के समक्ष भी अपनी मांगें रखेंगे। उनका कहना है कि बार-बार आश्वासन के बजाय अब उन्हें ठोस और लिखित निर्णय चाहिए।