शिमला — हिमाचल प्रदेश में निर्विरोध चुनी गई 136 ग्राम पंचायतों को सरकार की ओर से 25-25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। कुल मिलाकर इन पंचायतों के लिए 34 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य पंचायत चुनावों में आम सहमति और आपसी सहयोग की संस्कृति को बढ़ावा देना बताया गया है।
हालांकि पंचायतों को यह राशि अपनी पसंद से किसी भी मद में खर्च करने की पूरी स्वतंत्रता नहीं होगी। पंचायती राज विभाग ने इसके इस्तेमाल के लिए दिशा-निर्देश तय किए हैं और राशि का उपयोग निर्धारित विकास कार्यों तथा जनसुविधाओं से संबंधित गतिविधियों पर ही करना होगा।

जिलेवार आंकड़ों में शिमला सबसे आगे है, जहां 42 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं और उनके लिए 10.50 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। सिरमौर की 27 पंचायतों के लिए 6.75 करोड़, लाहौल-स्पीति की 17 पंचायतों के लिए 4.25 करोड़ और सोलन की 13 पंचायतों के लिए 3.25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
सरकार का तर्क है कि निर्विरोध पंचायतों को आर्थिक प्रोत्साहन देने से स्थानीय स्तर पर चुनावी प्रतिस्पर्धा, खर्च और विवाद कम करने तथा सर्वसम्मति से विकास योजनाएं आगे बढ़ाने को प्रोत्साहन मिलेगा।





