अनुबंध कर्मचारियों के हक में 1 दिसंबर से पहले फैसला जरूरी, हाईकोर्ट ने सरकार को दिया समय

शिमला — हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अनुबंध कर्मचारियों की सेवा अवधि, वरिष्ठता और उससे जुड़े लाभों के मामले में राज्य सरकार को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई पूरी करने के लिए 1 दिसंबर तक का समय दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस अवधि में संबंधित कर्मचारियों को न्यायालयों के पहले दिए गए फैसलों का लाभ देने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जानी चाहिए।


यह मामला राजेश कुमार बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम, 2024 से जुड़े हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन 29 जुलाई 2026 को शीर्ष अदालत ने सरकार की विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी।
हाईकोर्ट ने इससे पहले 2024 के कानून को असंवैधानिक घोषित करते हुए निरस्त किया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सरकार पर प्रभावित कर्मचारियों की सेवा अवधि, वरिष्ठता और अन्य परिणामी लाभों से जुड़े मामलों में कार्रवाई करने की जिम्मेदारी है। अदालत के ताजा निर्देश को लंबे समय से लंबित अनुबंध कर्मचारियों के मामलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।