शहर में सोमवार सुबह उस समय अचानक हलचल मच गई जब Enforcement Directorate की टीम ने एक प्रमुख सुनार के घर और ज्वेलरी शोरूम पर छापेमारी कर जांच शुरू कर दी। कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया, जबकि कारोबारी वर्ग और राजनीतिक हलकों में भी बेचैनी देखी गई।
जानकारी के अनुसार ईडी की टीम सुबह करीब 9 बजे दो वाहनों में सवार होकर गुरु का खूह क्षेत्र में रहने वाले कुलवंत सिंह पुत्र बलवंत सिंह के आवास पर पहुंची। इसके साथ ही टीम ने नूरदी बाजार स्थित उनकी ज्वेलरी दुकान पर भी एक साथ कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों ने कई दस्तावेजों, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की गहन जांच की।
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी बड़े वित्तीय ट्रांजैक्शन और संदिग्ध बैंकिंग गतिविधियों के पहलुओं को खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि ईडी अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों से लंबी पूछताछ की, जबकि निजी बैंकों के कर्मचारियों को भी मौके पर बुलाकर खातों और संबंधित वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल की गई।
शहर के व्यापारिक हलकों में इस कार्रवाई को बेहद गंभीरता से देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय में ईडी की कार्रवाई मुख्य रूप से राजनीतिक नेताओं, रियल एस्टेट कारोबारियों और उद्योगपतियों तक सीमित मानी जाती थी, लेकिन अब ज्वेलरी कारोबारियों तक जांच एजेंसियों की पहुंच को एक नए संकेत के रूप में देखा जा रहा है। व्यापारिक समुदाय में यह चर्चा भी तेज है कि वित्तीय लेन-देन और नकदी आधारित कारोबार पर एजेंसियों की निगरानी लगातार बढ़ रही है।
राजनीतिक और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि सोना कारोबार हमेशा से बड़े निवेश, नकद लेन-देन और संपत्ति संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। ऐसे में जांच एजेंसियों द्वारा ज्वेलर्स पर बढ़ती नजर को व्यापक आर्थिक निगरानी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
शहर में इस कार्रवाई को लेकर लोग उस हालिया बयान से भी जोड़कर देख रहे हैं, जिसमें Narendra Modi ने लोगों से एक वर्ष तक सोने की खरीद से बचने और बचत को उत्पादक निवेशों की ओर मोड़ने की अपील की थी। हालांकि इस छापेमारी का उस बयान से कोई आधिकारिक संबंध सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर दोनों घटनाओं को लेकर चर्चाएं जरूर तेज हो गई हैं।
फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है और अधिकारी दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड तथा वित्तीय गतिविधियों की विस्तृत जांच में जुटे हुए हैं। एजेंसी की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।





