शिमला ड्रग नेटवर्क का खुलासा: ₹10 लाख की फंडिंग से जुड़ा आरोपी काबू, NDPS एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच पुलिस ने एक संगठित ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए एक अहम आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में जांच की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने वित्तीय लेन-देन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने का दावा किया है, जो राज्य में फैलते नशे के कारोबार की गंभीरता को उजागर करता है।

शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Gaurav Singh ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरे नेटवर्क का खुलासा 22 अगस्त 2025 को उस समय हुआ, जब जिला पुलिस ने रामपुर क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए तीन व्यक्तियों—प्रशांत नेगी (27), अविनाश ठाकुर (35) और देवेन जोश (28)—को 17.15 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत इन तीनों के खिलाफ NDPS Act 1985 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने केवल बरामदगी तक ही सीमित न रहते हुए नेटवर्क के पीछे की संरचना को समझने के लिए गहन पड़ताल की। इसमें आरोपियों के आपसी संबंधों की पड़ताल, मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण तथा बैंकिंग लेन-देन की बारीकी से जांच शामिल रही। इसी प्रक्रिया में पुलिस को अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े एक अन्य व्यक्ति करण (34) की भूमिका सामने आई।

पुलिस के अनुसार, करण मूल रूप से पंचकूला का निवासी है और वर्तमान में पंजाब के जीरकपुर में रह रहा था। जांच में सामने आया कि वह गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के सीधे संपर्क में था और उनके साथ लगभग ₹10 लाख के वित्तीय लेन-देन जुड़े हुए थे। पुलिस का कहना है कि करण इस नेटवर्क में केवल सहायक भूमिका में नहीं था, बल्कि वह फंडिंग, पैसों के ट्रांजैक्शन और पूरे ऑपरेशन के समन्वय में सक्रिय रूप से शामिल था।

अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल एक स्थानीय स्तर का ड्रग केस नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करता है, जिसमें विभिन्न राज्यों के बीच कनेक्शन होने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की आगे की कड़ियों को खंगाल रही है, ताकि सप्लाई चेन के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।

इस कार्रवाई को हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि जांच अभी जारी है और कई अहम पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

राज्य में बढ़ते नशे के खतरे के बीच यह मामला एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि ड्रग तस्करी अब केवल सीमित क्षेत्रों तक नहीं, बल्कि एक संगठित आर्थिक तंत्र के रूप में काम कर रही है, जिसे तोड़ने के लिए पुलिस और जांच एजेंसियां बहुस्तरीय रणनीति अपना रही हैं।