शिमला में स्वास्थ्य सुरक्षा की नई शुरुआत: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मेट्रोपॉलिटन सर्विलांस यूनिट का किया उद्घाटन

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला को संक्रामक रोगों से सुरक्षित और अधिक सजग बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने बाइलुगंज में अत्याधुनिक मेट्रोपॉलिटन सर्विलांस यूनिट (एमएसयू) का उद्घाटन किया। करीब 1.56 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित यह विशेष शहरी स्वास्थ्य प्रणाली आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित है और इसे शहर में किसी भी संभावित बीमारी के प्रकोप की समय रहते पहचान, रोकथाम और नियंत्रण के लिए तैयार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह यूनिट शिमला के लिए एक ‘अर्ली वार्निंग सिस्टम’ के रूप में कार्य करेगी, जो किसी भी प्रकार के संक्रमण, महामारी या आपदा की स्थिति में तुरंत सक्रिय होकर हालात का विश्लेषण करेगी और अस्पतालों व संबंधित विभागों को समय पर अलर्ट जारी करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के केवल चुनिंदा 20 शहरों में ही इस प्रकार की उन्नत निगरानी व्यवस्था स्थापित की गई है, और हिमाचल प्रदेश इस तकनीक को अपनाने वाला पहला पहाड़ी राज्य बन गया है।

यह मेट्रोपॉलिटन सर्विलांस यूनिट राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र और शिमला नगर निगम के बीच त्रिपक्षीय समझौते के तहत स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री ने इसे शिमला को एक सुरक्षित, स्वस्थ और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाले शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया।

एमएसयू की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि यह यूनिट स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न संकेतों और घटनाओं की पहचान कर उन्हें सत्यापित करेगी, साथ ही पानी, खाद्य पदार्थों, वेक्टर जनित और जूनोटिक बीमारियों से संबंधित नमूनों के संग्रह और विश्लेषण में भी सहयोग करेगी। इसके अतिरिक्त, यह विभिन्न विभागों—जैसे स्वास्थ्य, नगर निकाय, खाद्य सुरक्षा और पशुपालन—के बीच समन्वय स्थापित कर आपात स्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करेगी।

मुख्यमंत्री ने यूनिट के प्रयोगशाला क्षेत्र का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्रणाली का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी भी संभावित स्वास्थ्य संकट से पहले ही निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि बदलते समय में शहरी क्षेत्रों में तेजी से फैलने वाली बीमारियों से निपटने के लिए ऐसी तकनीकी व्यवस्थाएं बेहद आवश्यक हैं।

इस अवसर पर स्थानीय विधायक, नगर निगम के मेयर और डिप्टी मेयर, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा पुलिस विभाग के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को शिमला के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा कवच बताया।

यह पहल न केवल शिमला की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करेगी, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक मॉडल के रूप में भी उभरेगी, जहां तकनीक और प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जा रही है।