नाहन:
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में अगले कुछ दिनों तक मौसम बेहद खराब रहने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग द्वारा 21 और 22 जुलाई के लिए जिले में रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम संबंधी सभी चेतावनियों का गंभीरता से पालन करने की अपील की है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने बताया कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 23 जुलाई तक प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान सिरमौर के कई क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है, जिससे भूस्खलन, अचानक बाढ़, जलभराव और सड़क बाधित होने जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।

प्रशासन के अनुसार 21 और 22 जुलाई को जिले में अत्यधिक वर्षा की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 20 जुलाई के लिए येलो अलर्ट और 23 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान बिना अत्यंत आवश्यक कारण घरों से बाहर न निकलें। यदि यात्रा करना जरूरी हो तो मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही सफर करें। वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने, यातायात नियमों का पालन करने तथा पहाड़ी मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने विशेष रूप से नदी, नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने का आग्रह किया है। लगातार हो रही वर्षा के कारण पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन और निचले इलाकों में अचानक जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
जिला प्रशासन ने यह भी कहा है कि किसी भी आपात स्थिति, प्राकृतिक आपदा या सहायता की आवश्यकता होने पर लोग तुरंत जिला प्रशासन के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें, ताकि राहत एवं बचाव कार्य समय पर सुनिश्चित किया जा सके।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में भारी वर्षा, बादल फटने, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की घटनाओं ने व्यापक नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम संबंधी चेतावनियों को हल्के में न लें और अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।




