हिमाचल की स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई तकनीकी ताकत, चमियाणा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में अत्याधुनिक 3-टेस्ला एमआरआई मशीन राष्ट्र को समर्पित

हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला स्थित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, चमियाणा में लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक 3-टेस्ला एमआरआई मशीन का लोकार्पण किया। राज्य सरकार का कहना है कि इस अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण के शुरू होने से प्रदेश में उच्च स्तरीय जांच सुविधाओं का विस्तार होगा और मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।

लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यभार संभालने के बाद से स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए लगातार आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेशवासियों को ऐसी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिनके लिए पहले उन्हें दूसरे राज्यों या बड़े महानगरों का रुख करना पड़ता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चमियाणा में स्थापित 3-टेस्ला एमआरआई मशीन प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस तकनीक के माध्यम से मरीजों को अधिक सटीक, उच्च गुणवत्ता वाली और विश्वस्तरीय एमआरआई जांच की सुविधा अपने ही राज्य में उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस यह मशीन जटिल बीमारियों के शीघ्र और सटीक निदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे मरीजों के उपचार की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।

उन्होंने कहा कि अब गंभीर बीमारियों की जांच के लिए मरीजों को चंडीगढ़, दिल्ली या अन्य बड़े चिकित्सा केंद्रों की ओर जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से सुसज्जित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी नीति के तहत मेडिकल कॉलेजों और प्रमुख अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि प्रदेश के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उनके घर के निकट ही उपलब्ध कराई जा सकें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, 3-टेस्ला एमआरआई मशीन पारंपरिक एमआरआई की तुलना में अधिक स्पष्ट और उच्च रिजॉल्यूशन वाली इमेज उपलब्ध कराती है। इसका उपयोग विशेष रूप से मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, हृदय, नसों, जोड़ों और कैंसर जैसी जटिल बीमारियों के सटीक परीक्षण में किया जाता है। इससे चिकित्सकों को रोग का बेहतर आकलन करने और समय पर उपचार शुरू करने में सहायता मिलेगी।

राज्य सरकार का मानना है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का विस्तार प्रदेश को उन्नत चिकित्सा सेवाओं की दिशा में नई पहचान देगा। सरकार आने वाले समय में भी अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ाने के लिए निवेश जारी रखेगी।

चमियाणा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थापित यह अत्याधुनिक सुविधा हिमाचल प्रदेश की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को नई तकनीकी क्षमता प्रदान करने के साथ-साथ राज्य के हजारों मरीजों के लिए गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समयबद्ध चिकित्सा सेवाओं का नया अध्याय साबित होने की उम्मीद है।