हिमाचल निकाय चुनाव प्रचार थमा, अब 17 मई को जनता करेगी फैसला



शिमला : हिमाचल प्रदेश के शहरी निकाय चुनावों के लिए चल रहा जोरदार चुनाव प्रचार शुक्रवार शाम थम गया। इसके साथ ही अब पूरा ध्यान 17 मई को होने वाले मतदान पर केंद्रित हो गया है। राज्य में नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल पिछले कई दिनों से काफी गर्म रहा।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा। धर्मशाला, सोलन, मंडी और पालमपुर नगर निगमों सहित विभिन्न नगर परिषदों और नगर पंचायतों में मतदान कराया जाएगा।

चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। हजारों कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों को चुनाव ड्यूटी पर तैनात किया गया है, जबकि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

इन चुनावों में लाखों मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें बड़ी संख्या में महिला और युवा मतदाता शामिल हैं। पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं में भी चुनाव को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।

इस बार के चुनाव प्रचार में पेयजल, सफाई व्यवस्था, पार्किंग, सड़कें, बेरोजगारी, पर्यटन, कूड़ा प्रबंधन और शहरी विकास जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने एक-दूसरे पर तीखे राजनीतिक हमले किए और जनता के बीच विकास तथा सुशासन को लेकर अपने-अपने दावे पेश किए।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये चुनाव केवल स्थानीय निकायों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हें हिमाचल प्रदेश की शहरी राजनीति के मूड के रूप में भी देखा जा रहा है। यही कारण है कि दोनों प्रमुख दलों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी।

राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान को लेकर सभी तैयारियां पूरी होने का दावा किया है। मतदान समाप्त होने के बाद नगर परिषदों और नगर पंचायतों की मतगणना शुरू होगी, जबकि नगर निगमों के परिणाम बाद में घोषित किए जाएंगे।

अब चुनाव प्रचार थमने के बाद प्रदेश की नजरें मतदान प्रतिशत और चुनावी नतीजों पर टिक गई हैं, जो आने वाले समय की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।