राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में आज एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन कर दो वरिष्ठ कर्मियों की सेवानिवृत्ति के अवसर को स्मरणीय बनाया गया। अधीक्षक श्रेणी–एक श्री Balveer Singh और संगणक परिचालक श्री Harish Chandra Sharma को उनके दीर्घ, समर्पित और निष्कलंक सेवा काल के लिए सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके योगदान को सराहा और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
श्री बलवीर सिंह ने विभाग में अपनी सेवा यात्रा 19 जनवरी 1987 को लिपिक के रूप में प्रारंभ की थी। लगभग चार दशकों तक उन्होंने विभाग के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन अत्यंत निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने न केवल प्रशासनिक कार्यों में दक्षता दिखाई, बल्कि विभाग की विभिन्न शाखाओं को सुदृढ़ बनाने में भी उल्लेखनीय भूमिका निभाई। सहकर्मियों के बीच वे एक विश्वसनीय और जिम्मेदार अधिकारी के रूप में जाने जाते रहे, जिनकी कार्यशैली में स्पष्टता और समयबद्धता का विशेष स्थान रहा।
वहीं, श्री हरीश चंद्र शर्मा ने 13 अप्रैल 2006 को संगणक परिचालक के रूप में अपनी सेवाएं शुरू कीं। दो दशकों से अधिक समय तक उन्होंने तकनीकी कार्यों को कुशलतापूर्वक संभालते हुए विभाग की कार्यप्रणाली को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी कार्यनिष्ठा, धैर्य और तत्परता ने उन्हें विभाग के एक अत्यंत उपयोगी और भरोसेमंद कर्मचारी के रूप में स्थापित किया। उन्होंने प्रत्येक दायित्व को उत्साह और जिम्मेदारी के साथ निभाया, जिससे विभागीय कार्यों में गति और गुणवत्ता दोनों बनी रही।
कार्यक्रम के दौरान संयुक्त निदेशक Ajay Parashar ने दोनों सेवानिवृत्त कर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सेवाएं विभाग के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ किया गया कार्य न केवल संस्था को सशक्त बनाता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक आदर्श प्रस्तुत करता है। उन्होंने दोनों अधिकारियों के स्वस्थ, सुखमय और संतोषपूर्ण जीवन की कामना की।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इन दोनों कर्मियों की कार्यशैली, सरलता और सहयोगी स्वभाव ने विभागीय वातावरण को सकारात्मक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम भावुक माहौल में संपन्न हुआ, जहां सहकर्मियों ने उन्हें सम्मान स्वरूप स्मृति चिन्ह भेंट कर विदाई दी।
यह विदाई समारोह केवल दो व्यक्तियों के सेवा काल के समापन का प्रतीक नहीं था, बल्कि यह उस समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और कार्य संस्कृति का सम्मान भी था, जिसने विभाग को वर्षों तक सशक्त बनाए रखा।





