नगर निकाय चुनावों से पहले भाजपा का कांग्रेस पर बड़ा हमला, ‘झूठी गारंटियों’ से लेकर विकास ठप होने तक घेरा सुक्खू सरकार को

हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय और पंचायत चुनावों के बीच सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विकास, आर्थिक बदहाली, झूठी गारंटियों और प्रशासनिक विफलताओं को बड़ा चुनावी मुद्दा बना दिया है। भाजपा नेताओं ने एक साथ कई मोर्चों पर कांग्रेस सरकार को घेरते हुए दावा किया कि प्रदेश की जनता अब “वादों और वास्तविकता” का अंतर समझ चुकी है और आने वाले चुनावों में इसका जवाब मतदान के जरिए देगी।

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता Rakesh Jamwal ने पंचायती राज मंत्री Anirudh Singh द्वारा प्रधानमंत्री Narendra Modi पर दिए गए बयान को दुर्भाग्यपूर्ण और राजनीतिक हताशा से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि जिन मंत्रियों को पंचायतों, ग्रामीण विकास और गांवों की समस्याओं पर काम करना चाहिए, वे केवल मीडिया में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बयानबाजी में व्यस्त हैं।

राकेश जमवाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर अनर्गल आरोप लगा रही है, जबकि सच्चाई यह है कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर विकास कार्य अटके पड़े हैं, भुगतान लंबित हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर जनता परेशान है।

उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं ने हिमाचल के ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आज गांवों तक पहुंचने वाली सड़कें, पुल और संपर्क मार्ग केंद्र सरकार की देन हैं, जबकि प्रदेश सरकार केवल उद्घाटन और घोषणाओं तक सीमित रह गई है।

इसी बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Rajeev Bindal ने नाहन में कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने जनता को “गारंटियों के सपने” दिखाए, लेकिन साढ़े तीन साल बाद भी अधिकांश वादे अधूरे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने, महिलाओं को हर महीने ₹1500 देने और महंगाई कम करने के वादे केवल चुनावी जुमले साबित हुए हैं।

डॉ. बिंदल ने कहा कि 42 महीने बीत जाने के बाद भी महिलाओं के खातों में एक रुपया तक नहीं पहुंचा और प्रदेश का युवा रोजगार की उम्मीद में निराश बैठा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने जनता से वोट लेने के लिए बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन सत्ता में आने के बाद प्रदेश आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और विकासहीनता की ओर धकेल दिया गया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान सरकार ने बिजली, पानी, परिवहन, सीमेंट और अन्य आवश्यक सेवाओं पर बोझ बढ़ाकर आम लोगों की परेशानियां बढ़ाई हैं। उन्होंने स्मार्ट मीटर, बढ़े हुए टैक्स और महंगे राशन को लेकर भी सरकार को घेरा। बिंदल ने आरोप लगाया कि नगरपालिकाओं और पंचायतों के विकास के लिए मिलने वाला पैसा भी सरकार ने रोक लिया, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि नाहन सहित प्रदेश के कई शहरों में न तो नई पार्किंग बनी, न अस्पताल, न कॉलेज और न ही कोई बड़ा विकास कार्य दिखाई देता है। उल्टा कई स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और प्रशासनिक इकाइयां बंद कर दी गईं, जिससे जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

भाजपा नेताओं ने दावा किया कि नगर निकाय और पंचायत चुनावों में जनता कांग्रेस सरकार की कथित विफलताओं, आर्थिक कुप्रबंधन और अधूरी गारंटियों का जवाब वोट के जरिए देने के लिए तैयार बैठी है। पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर कांग्रेस सरकार की नीतियों और भाजपा की विकासवादी सोच को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नगर निकाय चुनावों को भाजपा और कांग्रेस दोनों ने आगामी बड़े राजनीतिक संघर्ष की भूमिका के तौर पर लेना शुरू कर दिया है। यही कारण है कि प्रदेश में अब स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय नेतृत्व, विकास मॉडल और चुनावी गारंटियां भी राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई हैं।