हिमाचल में बदला मौसम का मिजाज: झमाझम बारिश से मिली राहत, तापमान में आई गिरावट; कई जिलों में आज भी येलो अलर्ट


भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश के लोगों को आखिरकार मौसम ने बड़ी राहत दी है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हुई बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने वातावरण को ठंडक से भर दिया है। बीते दिनों जहां मैदानी और निचले क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया था, वहीं अब मौसम के अचानक बदले तेवरों ने लोगों को राहत की सांस लेने का अवसर दिया है।

गुरुवार शाम से प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम ने करवट ली। राजधानी शिमला, कुफरी और आसपास के इलाकों में तेज गर्जना, आंधी और मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई, जिससे मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया। पहाड़ी क्षेत्रों में ठंडी हवाओं के चलने से पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश शहरों का अधिकतम तापमान सामान्य स्तर से नीचे पहुंच गया है। कई स्थानों पर तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले कुछ दिनों की भीषण गर्मी के मुकाबले एक बड़ी राहत मानी जा रही है।

राजधानी शिमला का अधिकतम तापमान लगभग चार डिग्री की गिरावट के साथ 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। वहीं ऊना, जो हाल के दिनों में प्रदेश के सबसे गर्म क्षेत्रों में शामिल था, वहां तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से गिरकर लगभग 39.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तापमान में आई इस कमी ने जनजीवन को काफी हद तक राहत पहुंचाई है।

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो सिरमौर जिले के नाहन क्षेत्र में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा पांवटा साहिब, धौलाकुआं, कुकुमसेरी, केलांग और चंबा सहित कई क्षेत्रों में भी बारिश रिकॉर्ड की गई। इन क्षेत्रों में हुई वर्षा ने न केवल तापमान को नियंत्रित किया बल्कि वातावरण में नमी भी बढ़ाई, जिससे मौसम अधिक सुखद महसूस किया जा रहा है।

मौसम विभाग ने 30 मई के लिए भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर राज्य के अन्य दस जिलों के लिए अंधड़, गरज-चमक, बारिश और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग का अनुमान है कि कई स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

31 मई को भी प्रदेश भर में मौसम के सक्रिय बने रहने की संभावना है। इसके बाद 1 और 2 जून को मध्यवर्ती तथा उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने के संकेत हैं। वहीं 3 और 4 जून को मुख्य रूप से उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में ही वर्षा की संभावना जताई गई है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मौसम परिवर्तन प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है। हालांकि अभी मानसून के हिमाचल पहुंचने में समय है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में बीच-बीच में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।

प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और वाहन चालकों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं, बिजली गिरने और अचानक होने वाली बारिश के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहने को कहा गया है।

कुल मिलाकर, लंबे समय से गर्मी की मार झेल रहे हिमाचल प्रदेश के लिए यह बारिश किसी राहत भरे उपहार से कम नहीं है। मौसम में आई इस नरमी ने जहां लोगों को सुकून दिया है, वहीं किसानों, बागवानों और पर्यटन उद्योग को भी इससे सकारात्मक उम्मीदें बंधी हैं। आने वाले दिनों में भी मौसम की गतिविधियां प्रदेश के तापमान और जनजीवन को प्रभावित करती रहेंगी।