धर्मशाला: उपायुक्त एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण कांगड़ा हेमराज बैरवा ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि सचिव ग्रामीण विकास हिमाचल प्रदेश द्वारा बीपीएल परिवारों के चयन के संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जारी निर्देशों के अनुसार, ऐसे परिवार जिनमें 27 वर्ष से कम के अनाथ बच्चे ही सदस्य हैं अथवा ऐसे परिवार जिनमें केवल 59 वर्ष की आयु से अधिक के वृद्धजन ही सदस्य है व 27 से .59 वर्ष की आयु का कोई भी व्यस्क सदस्य नहीं है। ऐसे परिवार जिनमें महिला मुखिया हों तथा जिसमें 27 वर्ष से 59 वर्ष के बीच का कोई व्यस्क सदस्य न हों। जिसमें विधवा, अविवाहिता, तलाकशुदा, परित्यकत महिलाएं शामिल हों।
ऐसे परिवार जिनके मुखिया में 40 प्रतिशत विकलांगता हो, ऐसे परिवार जिनके सभी व्यस्क सदस्यों द्वारा पिछले वितीय वर्ष में मनरेगा के अन्तर्गत कम से कम 01 दिन काम किया हो, ऐसे परिवार जिनके कमाने वाले सदस्य कैंसर अल्जाईमर, पार्किसंस, मस्कुलर डिस्टॉफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया या किसी अन्य बीमारी से पीडित हैं जिसके कारण वे स्थायी रूप से अक्षम हो गए हैं। ऐसे परिवार जिनमें कमाने वाले सदस्य किसी दुर्घटनावश रीढ की हड्डी चोेटिल होने के कारण स्थायी रूप से निष्क्रिय, अशक्त (बेड रिडन) हो गए हों या ऐसे परिवार जो भूमिहीन हों, निर्धारित मानदंडों के अंतर्गत पात्र होंगे।
इन पात्र श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले तथा पूर्व में सूची से बाहर रह गए परिवारों के आवेदन एवं सत्यापन की प्रक्रिया प्रथम चरण (फेज-1 से फेज-7) के साथ-साथ जारी रहेगी। नवीन आवेदन भी 5 जुलाई 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने सभी उपमंडल अधिकारियों (नागरिक), खंड विकास अधिकारियों तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुरूप बीपीएल परिवारों के चयन की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी करते हुए निर्धारित तिथि तक सभी औपचारिकताएं सुनिश्चित करें।






