सावधान : अगले 24 घंटे भारी पड़ सकते हैं, सात जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा, कई क्षेत्रों के लिए मौसम विभाग की चेतावनी


शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और आने वाले 24 घंटे प्रदेश के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। मौसम विज्ञान केंद्र, शिमला ने लगातार सक्रिय हो रहे मानसून को देखते हुए लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है। विभाग के अनुसार, कई जिलों में भारी वर्षा के साथ अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड), भूस्खलन और चट्टानें गिरने जैसी घटनाओं का जोखिम बढ़ गया है।

मौसम विभाग ने शिमला, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा, चंबा, सोलन और सिरमौर जिलों को विशेष निगरानी वाले क्षेत्रों में रखा है। इन जिलों में तेज बारिश के कारण छोटे नाले और खड्ड अचानक उफान पर आ सकते हैं। पहाड़ी ढलानों पर मलबा और चट्टानें गिरने की आशंका भी बनी हुई है, जिससे सड़क संपर्क प्रभावित हो सकता है।

इसके अलावा कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना, चंबा और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में कहीं-कहीं मूसलाधार वर्षा होने की संभावना है। वहीं शिमला, कुल्लू और सोलन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए हल्की से मध्यम बारिश के बीच कुछ स्थानों पर तेज वर्षा की चेतावनी दी गई है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ों की मिट्टी पहले से ही संतृप्त हो चुकी है। ऐसे में थोड़ी देर की तेज बारिश भी भूस्खलन, सड़क धंसने और अचानक जलभराव जैसी स्थितियां पैदा कर सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों के लिए जोखिम सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहेगा।

प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें। नदी-नालों, खड्डों, झरनों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से परहेज करें। यदि यात्रा करना आवश्यक हो तो घर से निकलने से पहले मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य लें।

आपदा प्रबंधन एजेंसियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से कहा गया है कि वे स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।

प्रदेश में मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय है और मौसम विभाग के संकेत बताते हैं कि अगले कुछ दिनों तक वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में सावधानी, सतर्कता और समय पर मिली आधिकारिक जानकारी ही किसी भी संभावित खतरे से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय होगी।