झाकड़ी : देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और राष्ट्रप्रेम की भावनाओं से सराबोर माहौल में एसजेवीएन के 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन में भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। एनजेएचपीएस खेल मैदान में आयोजित समारोह में परियोजना के अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिजन, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान, हिमपेस्कों के सुरक्षाकर्मी तथा डीपीएस-एनसीसी के विद्यार्थी शामिल हुए।
समारोह के मुख्य अतिथि महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रमुख श्री राजीव कपूर ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता दिवस समारोह का शुभारंभ किया। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शिवाली कपूर ने भी समारोह में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। जैसे ही तिरंगा खुले आसमान में शान से लहराया, पूरा परियोजना परिसर देशभक्ति के नारों और राष्ट्रीय गौरव की भावना से गूंज उठा।
ध्वजारोहण के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, हिमपेस्कों के जवानों तथा डीपीएस-एनसीसी के विद्यार्थियों ने शानदार मार्चपास्ट प्रस्तुत किया और राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। अनुशासन, जोश और राष्ट्रप्रेम से भरे मार्चपास्ट ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया नमन
अपने संबोधन में परियोजना प्रमुख श्री राजीव कपूर ने स्वतंत्रता संग्राम के सभी ज्ञात-अज्ञात सेनानियों और उन असंख्य वीर-वीरांगनाओं को श्रद्धापूर्वक नमन किया, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया।
उन्होंने कहा कि आज का स्वतंत्र भारत अनेक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और विश्व स्तर पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका स्थापित कर रहा है। उन्होंने एसजेवीएन के अधिकारियों और कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे आपसी सहयोग, समर्पण और टीम भावना के साथ निगम को उत्कृष्टता के नए शिखरों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास करें।
श्री राजीव कपूर ने इस अवसर पर भारत सरकार, विद्युत मंत्रालय, हिमाचल प्रदेश सरकार, एसजेवीएन निगम प्रबंधन, अधिकारियों एवं कर्मचारियों, स्थानीय निकायों, पंचायतों तथा नाथपा झाकड़ी परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी लोगों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी बड़ी परियोजना की सफलता केवल संस्थागत प्रयासों से संभव नहीं होती, बल्कि इसमें स्थानीय समुदाय, प्रशासन, पंचायतों, कर्मचारियों और विभिन्न सहयोगी संस्थाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्ष की गौरवशाली विरासत
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह को एक विशेष सांस्कृतिक आयाम भी मिला। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 गौरवशाली वर्ष पूरे होने के अवसर पर नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन में ‘अंतर-विभागीय वंदे मातरम्’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस विशेष आयोजन में परियोजना के कर्मचारियों और उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। देशभक्ति से ओत-प्रोत गीतों की प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने राष्ट्रप्रेम की भावना को अभिव्यक्त किया और ‘वंदे मातरम्’ की अमर विरासत को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
कार्यक्रम में कुल आठ टीमों ने हिस्सा लिया। प्रत्येक टीम ने अपनी प्रस्तुति में भारत के गौरवशाली अतीत, वर्तमान की उपलब्धियों और देश के उज्ज्वल भविष्य की कल्पना को खूबसूरती से पिरोया। प्रस्तुतियों में देश की ऐतिहासिक विरासत, राष्ट्रीय गौरव और आने वाले भारत के सपनों की झलक देखने को मिली।
सुर, भाव और प्रस्तुति ने तय किए विजेता
‘वंदे मातरम्’ प्रतियोगिता के दौरान सभी आठ टीमों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुतियां दीं। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन सुर, भाव और प्रस्तुति के आधार पर किया।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विजेता टीमों को परियोजना प्रमुख श्री राजीव कपूर और श्रीमती शिवाली कपूर ने पुरस्कार प्रदान किए। पुरस्कार वितरण समारोह में प्रतिभागियों के चेहरे पर उत्साह और गर्व साफ दिखाई दिया।
इस अवसर पर श्री राजीव कपूर ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन केवल मनोरंजन या प्रतियोगिता तक सीमित नहीं होते, बल्कि कर्मचारियों और उनके परिवारों को एक साझा मंच प्रदान करते हैं। ऐसे कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक जुड़ाव और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
तिरंगे के साथ एकता और प्रतिबद्धता का संदेश
नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह केवल राष्ट्रीय पर्व का उत्सव नहीं था, बल्कि यह देश की विकास यात्रा में ऊर्जा क्षेत्र की भूमिका और एसजेवीएन की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करने वाला अवसर बना।
1500 मेगावाट की यह महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजना हिमाचल प्रदेश की ऊर्जा क्षमता और देश की विद्युत आवश्यकताओं में महत्वपूर्ण योगदान देती है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर परियोजना परिवार का एक साथ आना राष्ट्र निर्माण के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक भी बना।
पूरे समारोह के दौरान राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, सांस्कृतिक गौरव और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना दिखाई दी। तिरंगे की शान, जवानों का मार्चपास्ट, डीपीएस-एनसीसी के विद्यार्थियों की भागीदारी, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों की देशभक्ति प्रस्तुतियां और ‘वंदे मातरम्’ के गूंजते स्वर ने समारोह को यादगार बना दिया।
अंततः कार्यक्रम राष्ट्रप्रेम, उत्साह और ‘वंदे मातरम्’ की भावना से ओत-प्रोत वातावरण में संपन्न हुआ। यह समारोह न केवल स्वतंत्रता संग्राम के महान बलिदानों को स्मरण करने का अवसर बना, बल्कि वर्तमान पीढ़ी को देश की एकता, विकास और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी दे गया।







