स्वास्थ्य लाभ के बाद जेपी नड्डा से करण नंदा की आत्मीय मुलाकात, कुशलक्षेम जाना

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के स्वास्थ्य में सुधार के बाद उनसे मुलाकात का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी क्रम में करण नंदा ने दिल्ली स्थित उनके निवास पर पहुंचकर उनसे आत्मीय भेंट की और उनके स्वास्थ्य का हाल जाना।

मुलाकात के दौरान करण नंदा ने नड्डा के शीघ्र स्वस्थ होने और दीर्घायु की कामना करते हुए कहा कि उनके स्नेह और मार्गदर्शन से हमेशा नई ऊर्जा मिलती है। बातचीत के दौरान नड्डा ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन से जुड़े कई अनुभव भी साझा किए।

दरअसल, अगस्त के मध्य में जगत प्रकाश नड्डा की तबीयत अचानक खराब होने के बाद उन्हें नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के अनुसार, बेचैनी की शिकायत के बाद 13 अगस्त को उनकी कई जांच की गईं, जिनमें कोरोनरी एंजियोग्राफी भी शामिल थी। इसके बाद उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग में चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया।

चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञों की निगरानी के बाद 17 अगस्त को नड्डा की एंजियोप्लास्टी की गई। AIIMS की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में बताया गया कि प्रक्रिया के बाद उनकी हालत स्थिर थी और उन्हें कार्डियोलॉजी विभाग में निगरानी में रखा गया था।
इसके बाद 19 अगस्त को उन्हें AIIMS से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल के मुताबिक नड्डा ने अस्पताल में अपने इलाज के दौरान चिकित्सकों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
स्वास्थ्य संबंधी खबर सामने आने के बाद देशभर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामनाएं की गई थीं। नड्डा ने भी अपने शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया था। अब स्वास्थ्य लाभ के बाद उनका सार्वजनिक जीवन की गतिविधियों में नजर आना उनके समर्थकों और शुभचिंतकों के लिए राहत की खबर है।

करण नंदा की यह मुलाकात इसी भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाती है। लंबे समय से हिमाचल प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहे नड्डा का राजनीतिक सफर संगठनात्मक जिम्मेदारियों से लेकर केंद्रीय मंत्री पद तक पहुंचा है। उनके सहज व्यवहार और कार्यकर्ताओं से संवाद को उनके समर्थक उनके सार्वजनिक जीवन की महत्वपूर्ण विशेषताओं में गिनते हैं।

नड्डा के स्वास्थ्य को लेकर प्रदेश में भी व्यापक चिंता देखने को मिली थी। ऐसे में उनके स्वस्थ होकर अपने निवास पर लोगों से मिलना निश्चित रूप से शुभचिंतकों के लिए संतोष का विषय है।