एसजेवीएन के CMD का अतिरिक्त प्रभार भूपेंद्र गुप्ता के पास छह महीने और, बिजली मंत्रालय ने बढ़ाया कार्यकाल

केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (SJVN) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) के पद का अतिरिक्त प्रभार एनएचपीसी लिमिटेड के CMD भूपेंद्र गुप्ता को छह महीने के लिए और बढ़ा दिया है। यह विस्तार 1 अगस्त 2026 से प्रभावी माना जाएगा। एसजेवीएन ने नियामकीय सूचना के माध्यम से इस प्रशासनिक निर्णय की जानकारी शेयर बाजारों को दी है।

मंत्रालय के आदेश के अनुसार, भूपेंद्र गुप्ता एसजेवीएन के CMD का अतिरिक्त प्रभार छह महीने की अवधि तक संभालेंगे। हालांकि, यदि इस अवधि से पहले नियमित पूर्णकालिक CMD पदभार ग्रहण कर लेते हैं या मंत्रालय की ओर से कोई अन्य आदेश जारी होता है, तो अतिरिक्त प्रभार उसी समय समाप्त हो जाएगा। यानी छह महीने की अवधि अंतिम सीमा है और नियमित नियुक्ति होने की स्थिति में उससे पहले भी व्यवस्था बदल सकती है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब एसजेवीएन जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रम के लिए नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। एसजेवीएन भारत सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार का संयुक्त उपक्रम है तथा इसे नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम का दर्जा प्राप्त है। कंपनी का मुख्य फोकस जलविद्युत के साथ-साथ सौर, पवन और अन्य ऊर्जा परियोजनाओं के विकास पर भी है।

भूपेंद्र गुप्ता पहले भी एसजेवीएन के साथ लंबे समय तक जुड़े रहे हैं। उन्होंने 1 मई 2025 से कंपनी के CMD का अतिरिक्त प्रभार संभालना शुरू किया था। इसके बाद 4 सितंबर 2025 से उन्हें एनएचपीसी लिमिटेड के CMD की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। इस प्रकार वर्तमान व्यवस्था में वह एक ओर एनएचपीसी के नियमित CMD के रूप में कार्य कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एसजेवीएन के CMD का अतिरिक्त दायित्व भी संभाल रहे हैं।

भूपेंद्र गुप्ता का पावर सेक्टर में लंबा और व्यापक अनुभव है। वह इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं और ऑपरेशंस मैनेजमेंट में एमबीए की डिग्री रखते हैं। उन्हें 34 वर्षों से अधिक का पेशेवर अनुभव है, जिसमें 31 वर्ष से अधिक समय केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों में कार्य करने का अनुभव शामिल है।

गुप्ता का एसजेवीएन के साथ पुराना पेशेवर संबंध भी रहा है। उन्होंने वर्ष 1995 में एसजेवीएन में अपना सार्वजनिक क्षेत्र का करियर शुरू किया था और करीब 12 वर्षों तक कंपनी में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। इस दौरान वह 1,500 मेगावाट की नाथपा झाकड़ी जलविद्युत परियोजना के इलेक्ट्रो-मैकेनिकल उपकरणों की योजना, स्थापना, कमीशनिंग तथा संचालन एवं रखरखाव से जुड़े रहे। नाथपा झाकड़ी परियोजना देश की प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं में शामिल है।

उनके अनुभव में भूटान की 1,020 मेगावाट की ताला जलविद्युत परियोजना में काम करने का अनुभव भी शामिल है। इसके अलावा उन्होंने आरईसी की कंपनियों, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड तथा अन्य बड़ी ऊर्जा परियोजनाओं में परियोजना प्रबंधन, क्रियान्वयन, अनुबंध प्रबंधन और संचालन से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाई हैं।

एसजेवीएन के लिए भूपेंद्र गुप्ता का यह विस्तारित अतिरिक्त कार्यभार इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी देश के विभिन्न हिस्सों में कई ऊर्जा परियोजनाओं पर काम कर रही है। नेतृत्व में निरंतरता से चल रही परियोजनाओं की निगरानी, निवेश, परियोजना क्रियान्वयन और विभिन्न सरकारी स्तरों पर समन्वय को स्थिरता मिलने की उम्मीद है।

नवीनतम आदेश के साथ यह भी स्पष्ट है कि फिलहाल एसजेवीएन के लिए नियमित पूर्णकालिक CMD की नियुक्ति नहीं हुई है। जब तक नियमित पदाधिकारी कार्यभार नहीं संभालते, भूपेंद्र गुप्ता अतिरिक्त प्रभार के तहत कंपनी का नेतृत्व करते रहेंगे। नियामकीय खुलासे के अनुसार, उनका अतिरिक्त प्रभार छह महीने, नियमित पदाधिकारी के कार्यभार संभालने अथवा अगले आदेश तक रहेगा—इनमें जो भी पहले हो, वही प्रभावी होगा।