हिमाचल में कागजी लॉटरी शुरू करने की तैयारी, 10 रुपये में खरीद सकेंगे टिकट; रोजाना 12 ड्रॉ का प्रस्ताव


शिमला। हिमाचल प्रदेश में करीब 27 साल बाद सरकारी लॉटरी व्यवस्था को नए स्वरूप में शुरू करने की तैयारी चल रही है। इस बार मोबाइल और ऑनलाइन माध्यम के बजाय कागजी टिकटों के जरिए लॉटरी संचालन को प्राथमिकता दिए जाने की चर्चा है। राज्य के कोष, लेखा एवं लॉटरी निदेशालय ने लॉटरी संचालन के लिए एकल बिक्री एजेंट नियुक्त करने संबंधी संशोधित टेंडर जारी किया है। इच्छुक कंपनियां 20 नवंबर, 2026 तक अपनी बोली जमा कर सकेंगी। उपलब्ध निविदा विवरण के अनुसार, बोली 21 नवंबर को खोली जानी प्रस्तावित है।

प्रस्तावित व्यवस्था में लॉटरी टिकट की न्यूनतम कीमत 10 रुपये रखी गई है और प्रतिदिन अधिकतम 12 ड्रॉ आयोजित करने का प्रावधान बताया गया है। हालांकि, प्रत्येक ड्रॉ में मिलने वाली पुरस्कार राशि और अन्य संचालन संबंधी अंतिम विवरण अभी स्पष्ट नहीं हैं। इसलिए टिकट खरीदने और पुरस्कार जीतने से जुड़ी पूरी व्यवस्था चयनित एजेंसी तथा सरकार की अंतिम शर्तों के बाद ही सामने आएगी।

सरकार ने इस योजना से राजस्व अर्जित करने का प्रावधान भी रखा है। समाचार रिपोर्टों के अनुसार, चयनित एजेंसी को सालाना 10 करोड़ रुपये लाइसेंस शुल्क के रूप में देने होंगे। इसके अतिरिक्त कंपनी के कुल कारोबार का दो प्रतिशत हिस्सा भी सरकार को देना होगा। एजेंसी को प्रदेशभर में बिक्री नेटवर्क तैयार करना होगा, जिसके तहत अधिकृत विक्रेताओं और टिकट बिक्री केंद्रों के माध्यम से लोगों तक लॉटरी टिकट पहुंचाए जाएंगे।
इस योजना में पहले ऑनलाइन लॉटरी संचालन का विकल्प भी शामिल था। कंपनियों से प्राप्त सुझावों और प्री-बिड प्रक्रिया के बाद निविदा में संशोधन किए गए हैं। हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि निविदा का आधिकारिक शीर्षक अभी भी सरकार की ‘पेपर और ऑनलाइन लॉटरी’ की बिक्री के लिए एकल बिक्री एजेंट की नियुक्ति से संबंधित है। इसलिए यह कहना अभी पूरी तरह सही नहीं होगा कि ऑनलाइन लॉटरी का विकल्प अंतिम रूप से समाप्त कर दिया गया है। फिलहाल कागजी टिकटों के जरिए लॉटरी संचालन की तैयारी प्रमुखता से सामने आई है।

निविदा की शर्तों के मुताबिक, साल में तीन बड़े बंपर ड्रॉ आयोजित करने का प्रस्ताव भी है। मीडिया रिपोर्टों में अगले वर्ष होली के अवसर पर पहला बंपर ड्रॉ निकाले जाने की संभावना जताई गई है। हालांकि, इसकी तारीख और पुरस्कार राशि को लेकर अभी अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। जरूरत और सरकार के निर्णय के अनुसार भविष्य में बंपर ड्रॉ की संख्या बढ़ाने की संभावना भी बताई गई है।

हिमाचल सरकार के लिए यह पहल राजस्व जुटाने के साथ-साथ लॉटरी कारोबार को विनियमित तरीके से संचालित करने का एक नया माध्यम बन सकती है। प्रदेश में लंबे अंतराल के बाद लॉटरी व्यवस्था दोबारा शुरू करने की तैयारी ऐसे समय में हो रही है, जब राज्य सरकार अतिरिक्त आय के स्रोत तलाश रही है। अब सबकी नजर 20 नवंबर को निविदा जमा करने की अंतिम तारीख, 21 नवंबर को प्रस्तावित बोली खुलने और चयनित एजेंसी की नियुक्ति पर रहेगी।

तथ्य-जांच का महत्वपूर्ण बिंदु: उपलब्ध निविदा विवरण में 20 नवंबर बोली जमा करने की अंतिम तारीख और 21 नवंबर बोली खोलने की तारीख की पुष्टि होती है। प्रतिदिन 12 ड्रॉ और साल में तीन बंपर ड्रॉ का प्रावधान भी निविदा संबंधी विवरण में दर्ज है। लेकिन ऑनलाइन लॉटरी पूरी तरह बंद होने, होली पर पहला बंपर ड्रॉ निकलने और प्रत्येक ड्रॉ की पुरस्कार राशि के बारे में अभी अंतिम सरकारी पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन बातों को संभावित योजना के रूप में ही देखा जाना चाहिए।