करनाल स्थित नव-निर्मित जेल प्रशिक्षण अकादमी में आयोजित पहले दीक्षांत परेड समारोह ने हरियाणा की कारागार व्यवस्था में एक नया अध्याय जोड़ दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 116 नव-प्रशिक्षित सहायक अधीक्षकों और वार्डरों को बधाई देते हुए कहा कि यह दिन उनके जीवन का स्मरणीय क्षण है, जो उन्हें समाज और राज्य के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी से जोड़ता है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर संतोष जताया कि इस बैच में एक महिला सहायक अधीक्षक और आठ महिला वार्डर शामिल हैं। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण और समान अवसर की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीक्षांत परेड केवल प्रशिक्षण की समाप्ति नहीं, बल्कि मानसिक, शारीरिक और नैतिक रूपांतरण की घोषणा होती है।
उन्होंने बताया कि जेल प्रशिक्षण अकादमी में आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों के तहत मानवाधिकार, मनोवैज्ञानिक समझ, कानून की बारीकियां, शारीरिक दक्षता और नैतिक मूल्यों पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह प्रशिक्षण जेल कर्मियों को केवल एक कर्मचारी नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और जिम्मेदार अधिकारी के रूप में तैयार करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश और अपराध के नए स्वरूपों के बीच जेल कर्मियों की भूमिका पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। ऐसे में अनुशासन के साथ मानवीय दृष्टिकोण बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। सरकार इस दिशा में प्रशिक्षण, अधोसंरचना और तकनीकी संसाधनों को लगातार मजबूत कर रही है।





