ठियोग क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी जिला महासू द्वारा आयोजित प्रभावी चौपाल केवल एक संगठनात्मक बैठक नहीं रही, बल्कि यह राजनीतिक चेतना, आर्थिक दृष्टि और लोकतांत्रिक शुद्धता को लेकर एक व्यापक संवाद का मंच बनकर उभरी। हिमाचल प्रदेश की पहाड़ी राजनीति में जमीनी स्तर पर संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस चौपाल में संगठन की मजबूती, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) और केंद्र सरकार के बजट 2026–27 की दूरगामी आर्थिक नीतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अरुण फालटा ने की, जबकि प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक बलबीर वर्मा, भाजपा उपाध्यक्ष बिहारी लाल शर्मा, मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जिला अध्यक्ष अरुण फालटा ने अपने संबोधन में कहा कि चौपाल भाजपा की उस राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा है, जिसमें सत्ता और संगठन जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी समय में पार्टी की रणनीति बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने, सरकारी योजनाओं की सही जानकारी जन-जन तक पहुंचाने और विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम का तथ्यात्मक जवाब देने पर केंद्रित रहेगी। फालटा ने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे केवल राजनीतिक प्रचारक नहीं, बल्कि जनसमस्या समाधानकर्ता की भूमिका निभाएं, ताकि जनता का भरोसा और मजबूत हो सके।
चौपाल में विशेष रूप से मतदाता सूची के Special Intensive Revision अभियान को लेकर गहन चर्चा हुई। भाजपा उपाध्यक्ष बिहारी लाल शर्मा ने इसे लोकतंत्र की विश्वसनीयता के लिए अनिवार्य प्रक्रिया बताते हुए कहा कि SIR का उद्देश्य पात्र नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना और फर्जी या अपात्र नामों को सूची से हटाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर जानबूझकर भ्रम फैला रहा है, ताकि अवैध मतदाता राजनीति का साधन बने रहें। शर्मा ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता बूथ स्तर पर कैंप लगाकर आम नागरिकों की सहायता कर रहे हैं, ताकि कोई भी योग्य मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे। उनके अनुसार, स्वच्छ मतदाता सूची ही निष्पक्ष चुनाव और मजबूत लोकतंत्र की बुनियाद है।
आर्थिक विमर्श के केंद्र में केंद्रीय बजट 2026–27 रहा, जिसे मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने ‘विकसित भारत’ की ठोस आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि मध्यम वर्ग, किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसरों का रोडमैप है। ₹12 लाख तक की आय पर शून्य कर, सरल और पारदर्शी ITR प्रणाली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर TCS में राहत, MSME सेक्टर के लिए विशेष वित्तीय सहायता, बुनियादी ढांचे में रिकॉर्ड निवेश और सेमीकंडक्टर व तकनीक आधारित उद्योगों को बढ़ावा—ये सभी प्रावधान भारत की अर्थव्यवस्था को अगले दशक के लिए तैयार करते हैं। नंदा ने कहा कि रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता इस बजट की आत्मा है, जिसका असर शहरी के साथ-साथ ग्रामीण भारत में भी दिखाई देगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक बलबीर वर्मा ने VB-G RAM G यानी विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण को हिमाचल जैसे पहाड़ी और ग्रामीण राज्य के लिए परिवर्तनकारी पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह मिशन केवल अस्थायी रोजगार नहीं, बल्कि टिकाऊ आजीविका, कौशल विकास और ग्रामीण अधोसंरचना को एक साथ जोड़ने का आधुनिक मॉडल है। वर्मा ने कांग्रेस पर इस योजना को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा का लक्ष्य ग्रामीण युवाओं को सम्मानजनक रोजगार, किसानों को आर्थिक सुरक्षा और गांवों को आत्मनिर्भर बनाना है। उनके अनुसार, यह मिशन पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
चौपाल के अंत में उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि बजट जनजागरण, SIR अभियान और ग्रामीण विकास योजनाओं को लेकर ठियोग सहित पूरे क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस संवाद से यह स्पष्ट हुआ कि भाजपा हिमाचल में केवल सत्ता की राजनीति नहीं, बल्कि नीति, पारदर्शिता और विकास के एजेंडे के साथ जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में सक्रिय है।





