पंजाब की राजनीति में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी ने वरिष्ठ नेता केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब बीजेपी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। पार्टी हाईकमान ने लंबे विचार-विमर्श के बाद उनके नाम पर अंतिम मुहर लगा दी है। इस फैसले को पंजाब में भाजपा की नई राजनीतिक रणनीति और सिख समुदाय के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी माने जाने वाले केवल सिंह ढिल्लों लंबे समय से पंजाब की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। जाट सिख चेहरे के तौर पर उनकी पहचान पार्टी के लिए अहम मानी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा अब पंजाब में अपने संगठनात्मक ढांचे को नए तरीके से तैयार करने में जुटी हुई है और इसी रणनीति के तहत पार्टी ने एक प्रभावशाली सिख नेता को प्रदेश की कमान सौंपी है।
मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ का तीन साल का कार्यकाल जुलाई महीने में समाप्त होने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व सुनील जाखड़ को पूरी तरह किनारे करने के बजाय आगामी 2027 विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार अभियान और रणनीतिक जिम्मेदारियों में अहम भूमिका देना चाहता है। जाखड़ को पंजाब में भाजपा का मजबूत हिंदू चेहरा माना जाता है और पार्टी उन्हें चुनावी अभियान में प्रमुख भूमिका में बनाए रखना चाहती है।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ लंबे समय से इस बात की पैरवी कर रहे थे कि पंजाब जैसे संवेदनशील और सिख बहुल राज्य में पार्टी की कमान किसी प्रभावशाली सिख नेता को दी जानी चाहिए। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व ने इस सुझाव को गंभीरता से लेते हुए केवल सिंह ढिल्लों पर भरोसा जताया।
भाजपा का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पंजाब में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के बीच राजनीतिक मुकाबला लगातार तेज होता जा रहा है। ऐसे में भाजपा अब राज्य में अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान मजबूत करने और ग्रामीण-सिख वोट बैंक में जगह बनाने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति सिर्फ संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि भाजपा की लंबी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। पार्टी आने वाले समय में सिख चेहरों को आगे कर पंजाब की राजनीति में अपने लिए नई जमीन तैयार करना चाहती है। यही कारण है कि इस नियुक्ति को 2027 विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा का बड़ा राजनीतिक दांव माना जा रहा है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि केवल सिंह ढिल्लों पंजाब भाजपा को किस तरह नई दिशा देते हैं और क्या पार्टी उनके नेतृत्व में राज्य की राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत कर पाती है।





