हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर राज्य चुनाव आयोग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। आयोग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रदेशभर में पंचायत प्रतिनिधियों के कुल 31,182 पदों के लिए चुनाव करवाए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक और सुरक्षा स्तर पर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
आयोग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक प्रदेश में प्रधान के 3754 पद, उपप्रधान के 3754 पद, सदस्य ग्राम पंचायत के 21,654 पद, सदस्य पंचायत समिति के 1769 पद तथा सदस्य जिला परिषद के 251 पदों पर चुनाव होंगे। इस प्रकार कुल 31,182 पदों के लिए मतदान कराया जाएगा।
नामांकन प्रक्रिया 7, 8 और 11 मई 2026 को पूरी की गई थी। आयोग के अनुसार कुल 86,204 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। इन नामांकन पत्रों की जांच 12 और 13 मई 2026 को संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा की गई, जिसमें कुल 742 नामांकन पत्रों को अमान्य घोषित किया गया।
चुनाव कार्यक्रम के तहत 14 और 15 मई 2026 को नामांकन वापसी की प्रक्रिया भी पूरी हुई। नामांकन वापसी के बाद प्रदेश में कुल 10,854 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं।
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार मतदान तीन चरणों में करवाया जाएगा। पहला चरण 26 मई 2026, दूसरा चरण 28 मई 2026 और तीसरा एवं अंतिम चरण 30 मई 2026 को आयोजित होगा। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 3 बजे तक बैलेट पेपर के माध्यम से कराया जाएगा।
पहले चरण के मतदान के लिए प्रचार अभियान समाप्त हो चुका है और अब प्रत्याशी घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। आयोग ने प्रदेशभर में कुल 21,678 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं। इनमें 16,539 मतदान केंद्र सामान्य श्रेणी में, 3554 मतदान केंद्र संवेदनशील तथा 1585 मतदान केंद्र अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त जिला कुल्लू में एक और जिला कांगड़ा में दो सहायक मतदान केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए प्रदेशभर में 8198 मतदान दल तैनात किए गए हैं। आयोग ने बताया कि 26 मई को होने वाले पहले चरण में 1293 ग्राम पंचायतों में मतदान होगा। सभी मतदान दल अपने-अपने मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो चुके हैं और सोमवार तक वहां पहुंच जाएंगे।
राज्य चुनाव आयोग ने सभी मतदाताओं से स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के प्रलोभन से दूर रहकर मतदान करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि केवल वही मतदाता मतदान केंद्र में प्रवेश कर सकेंगे जिनका नाम संबंधित मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज होगा।
आयोग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि मतदान केंद्रों में केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी, जिन्हें राज्य चुनाव आयोग, जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी अथवा पीठासीन अधिकारी द्वारा अधिकृत किया गया हो। इसके अलावा मतदाताओं से यह अपील भी की गई है कि मतदान करने के तुरंत बाद मतदान केंद्र से बाहर निकल जाएं, ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके।





