हिमाचल निकाय चुनाव: कांगड़ा में कांग्रेस का क्लीन स्वीप, गगरेट और नगरोटा बगवां में भाजपा मजबूत, देहरा में बदले राजनीतिक समीकरण

हिमाचल प्रदेश के नगर निकाय चुनावों ने प्रदेश की राजनीति में नए संकेत दिए हैं। कांगड़ा, गगरेट, देहरा और नगरोटा बगवां में आए चुनाव परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि स्थानीय स्तर पर मुकाबला बेहद रोचक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होता जा रहा है। कहीं कांग्रेस ने पूरी ताकत दिखाई तो कहीं भाजपा ने अपना परंपरागत जनाधार बरकरार रखा। कई स्थानों पर बेहद करीबी मुकाबले भी देखने को मिले।

कांगड़ा नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी 9 वार्डों पर कब्जा जमा लिया। भाजपा को यहां एक भी सीट नहीं मिल सकी। परिणामों के अनुसार वार्ड नंबर-1 से भावना विजयी रहीं, जबकि वार्ड नंबर-2 से सातवीं बार पार्षद चुनी गईं सुमन वर्मा ने जीत दर्ज की। वार्ड नंबर-3 से नीलू, वार्ड नंबर-4 से मोना, वार्ड नंबर-5 से शुभम, वार्ड नंबर-6 से राजकुमारी, वार्ड नंबर-7 से कोमल शर्मा, वार्ड नंबर-8 से शुभम और वार्ड नंबर-9 से अशोक शर्मा ने जीत हासिल की। सभी विजेता कांग्रेस समर्थित माने जा रहे हैं।

कांगड़ा नगर परिषद में कांग्रेस के पूर्ण बहुमत के बाद अब अध्यक्ष पद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि पूर्व अध्यक्ष रह चुकीं और लगातार सातवीं बार पार्षद निर्वाचित हुईं सुमन वर्मा अध्यक्ष पद की सबसे मजबूत दावेदार हैं। विजयी उम्मीदवारों ने अपनी जीत का श्रेय हिमाचल पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा को दिया। एसडीएम कांगड़ा इशांत जसवाल ने बताया कि चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुए तथा कुल 75.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

उधर, नगर पंचायत गगरेट में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने अपना दबदबा कायम रखते हुए सभी सात वार्डों में जीत हासिल की। भाजपा के लिए यह परिणाम बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि गगरेट को लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। कई वार्डों में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी मैदान में ही नहीं उतरे, जिसके चलते मुकाबला भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के बीच ही देखने को मिला।

गगरेट में वार्ड नंबर-1 से विकास कालिया ने सबसे बड़ी जीत दर्ज की। उन्हें 209 मत मिले, जबकि तरसेम लाल को 82 मत प्राप्त हुए। विकास कालिया ने 127 मतों के अंतर से जीत हासिल की। दो मत नोटा को पड़े। वार्ड नंबर-2 में भाजपा समर्थित विकास शर्मा ने कांग्रेस समर्थित नरेंद्र राणा को 52 मतों से हराया। विकास शर्मा को 146 और नरेंद्र राणा को 94 मत मिले।

वार्ड नंबर-3 में बेहद कांटे का मुकाबला देखने को मिला। सरोज कुमारी ने 122 मत प्राप्त कर तृप्ता देवी को मात्र 8 मतों से हराया। तृप्ता देवी को 114 मत मिले, जबकि नैंसी को 94 और रंजना को 15 मत प्राप्त हुए। वार्ड नंबर-4 में बबीता कुमारी ने 183 मत हासिल कर जीत दर्ज की। भावना को 140 और राजकुमारी को 94 मत मिले। बबीता ने 43 मतों के अंतर से जीत हासिल की। पांच मत नोटा को पड़े।

वार्ड नंबर-5 में मंगा राम ने 127 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। कांग्रेस उम्मीदवार बलराम को 66 और राजिंदर कुमार को 49 मत मिले। वार्ड नंबर-6 में भाजपा समर्थित जनकराज ने 162 मत लेकर उमेश कुमार को 19 मतों से पराजित किया। उमेश कुमार को 143 मत मिले। वार्ड नंबर-7 में मंजू बाला ने 102 मत लेकर जीत हासिल की। उनकी प्रतिद्वंद्वी अनीता को 92 मत मिले, जबकि दो मत नोटा को पड़े।

गगरेट चुनाव में विकास शर्मा और मंजू बाला की जीत विशेष चर्चा का विषय रही। दोनों उम्मीदवार अपने मूल वार्ड छोड़कर दूसरे वार्डों से चुनाव लड़ने उतरे थे और जीत हासिल करने में सफल रहे। विकास शर्मा मूल रूप से वार्ड नंबर-6 से जुड़े हैं लेकिन उन्होंने वार्ड नंबर-2 से चुनाव जीता। वहीं मंजू बाला का मूल वार्ड भी नंबर-6 है, लेकिन उन्होंने वार्ड नंबर-7 से जीत दर्ज की।

देहरा नगर परिषद चुनाव में भी इस बार मतदाताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। कुल 3573 मतदाताओं में से 2664 लोगों ने मतदान किया और कुल मतदान प्रतिशत 74.55 रहा। महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक रही। महिला मतदान 75.32 प्रतिशत जबकि पुरुष मतदान 74.08 प्रतिशत दर्ज किया गया।

वार्डवार मतदान आंकड़ों में वार्ड नंबर-4 सबसे आगे रहा, जहां 79.90 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके अलावा वार्ड नंबर-3 में 79.62, वार्ड नंबर-2 में 77.96, वार्ड नंबर-6 में 74.15, वार्ड नंबर-7 में 71.48, वार्ड नंबर-5 में 71.04 और वार्ड नंबर-1 में 70.34 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

परिणामों के अनुसार वार्ड नंबर-1 से निष्ठा चंबियाल, वार्ड नंबर-2 से मलकीयत परमार, वार्ड नंबर-3 से नरेश कुमार, वार्ड नंबर-4 से उपासना सूद, वार्ड नंबर-5 से किरण देवी, वार्ड नंबर-6 से पारस और वार्ड नंबर-7 से किरण शर्मा विजयी रहे।

देहरा चुनाव राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना गया क्योंकि उपचुनाव के बाद यहां राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदले हुए दिखाई दिए। 15 वर्षों बाद कांग्रेस ने नगर परिषद की पांच सीटों पर जीत दर्ज कर मजबूत वापसी की, जबकि भाजपा केवल दो सीटों तक सीमित रह गई। परिणामों के बाद देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर ने जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता ने सरकार की नीतियों और विकास कार्यों पर विश्वास जताया है।

नगरोटा बगवां नगर परिषद में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने बढ़त बनाई, लेकिन अध्यक्ष पद कांग्रेस समर्थित राहुल धीमान के खाते में जाता दिखाई दे रहा है। अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण राहुल धीमान इस वर्ग से एकमात्र विजयी उम्मीदवार हैं।

नगरोटा बगवां में वार्ड नंबर-1 से राकेश कायस्था ने 378 मत प्राप्त कर मदन लाल को 217 मतों से हराया। सात मत नोटा को पड़े। वार्ड नंबर-2 में सपना कटोच ने पूजा देवी को मात्र 8 मतों से हराया। सपना को 269 मत मिले। एक वोट नोटा को पड़ा।

वार्ड नंबर-3 का मुकाबला सबसे रोमांचक रहा, जहां आशा कुमारी ने ममता को केवल एक वोट से पराजित किया। आशा को 146, ममता को 145 और अंजना गिल को 117 मत मिले। तीन वोट नोटा को पड़े।

वार्ड नंबर-4 में राहुल धीमान ने 216 मत हासिल कर बिशन दास को 44 मतों से हराया। अर्जुन को 72 और दूसरे प्रत्याशी राहुल को 36 मत मिले। वार्ड नंबर-5 में मधु शर्मा ने 371 मत लेकर सुभद्रा देवी को 224 मतों से पराजित किया। रानी परमार को 30 मत मिले। चार मत नोटा को पड़े।

वार्ड नंबर-6 से दीपशिखा ने 300 मत लेकर कांता मेहरा को 87 मतों से हराया। तीन मत नोटा को पड़े। वार्ड नंबर-7 में मुकेश मेहता ने 213 मत हासिल कर रजनी कायस्था को 19 मतों से पराजित किया।

इन चुनाव परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि हिमाचल प्रदेश की स्थानीय राजनीति में इस बार मुकाबला पूरी तरह क्षेत्रीय नेतृत्व, स्थानीय विकास, संगठनात्मक मजबूती और जमीनी पकड़ पर केंद्रित रहा। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने कई क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक ताकत दिखाई, जबकि कई स्थानों पर निर्दलीय और स्थानीय समीकरण भी निर्णायक साबित हुए।