हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार पांवटा साहिब का एक युवक अपने हरियाणा निवासी दोस्तों के साथ घूमने के लिए नेरवा क्षेत्र पहुंचा था। इसी दौरान बानी पुल के आगे खड्ड में नहाने अथवा पानी के समीप जाने के दौरान युवक अचानक गहरे पानी में डूबने लगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक को डूबता देख स्थानीय निवासी राजेंद्र कुमार मस्टा ने बिना अपनी जान की परवाह किए मानवता और साहस का परिचय दिया। उन्होंने युवक को बचाने के लिए भरसक प्रयास किए, लेकिन दुर्भाग्यवश युवक को बचाया नहीं जा सका। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों की नदियां, खड्डें और झीलें बाहर से शांत दिखाई देती हैं, लेकिन इनमें पानी का बहाव, गहराई और फिसलन बेहद खतरनाक हो सकती है। कई बार बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक इन प्राकृतिक परिस्थितियों से पूरी तरह परिचित नहीं होते, जिसके कारण ऐसे दर्दनाक हादसे हो जाते हैं।
विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन द्वारा लगातार यह अपील की जाती रही है कि हिमाचल प्रदेश या किसी भी हिमालयी राज्य में घूमने आने वाले पर्यटक वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें और नदियों, खड्डों, झीलों तथा गहरे जल स्रोतों के समीप अनावश्यक रूप से न जाएं। पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां मैदानी इलाकों से काफी अलग होती हैं और थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा प्रबंध और मजबूत किए जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
ईश्वर दिवंगत युवक की आत्मा को शांति प्रदान करे और शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति दे।






