हिमाचल प्रदेश में मई महीने के दौरान भी मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं हो पा रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बदलते मौसम ने जहां तापमान में गिरावट दर्ज करवाई है, वहीं किसानों और बागवानों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। वीरवार को राज्य के कई क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी मौसम के खराब बने रहने की संभावना जताई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शुक्रवार को प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि 9 और 10 मई को मौसम कुछ हद तक साफ रहने की संभावना जताई गई है, लेकिन इसके बाद एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम करवट ले सकता है। विभाग ने 11, 12 और 13 मई के लिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश, तेज अंधड़ और बिजली कड़कने की संभावना व्यक्त करते हुए यैलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार इन दिनों के दौरान कई क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे सामान्य जनजीवन के साथ-साथ कृषि और बागवानी गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश रिकॉर्ड की गई। सराहन में सबसे अधिक 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा रोहड़ू में 12 मिलीमीटर, पंडोह में 11 मिलीमीटर, कसौली में 9 मिलीमीटर, मंडी में 7 मिलीमीटर तथा सुजानपुर टीहरा में 6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
वहीं शिमला, जुब्बड़हट्टी, सुंदरनगर, कांगड़ा, भुंतर और जोत में तेज हवाओं और बिजली कड़कने की घटनाएं भी सामने आईं। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मई महीने में हो रही बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने विशेष रूप से किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। शिमला जिले के ऊपरी इलाकों में हुई ओलावृष्टि से सेब की फसल को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। बागवानों का कहना है कि मौसम की मार का असर इस वर्ष उत्पादन पर पड़ सकता है।
दूसरी ओर निचले और मैदानी क्षेत्रों में गेहूं की कटाई और मड़ाई का काम भी बारिश के कारण प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर खेतों में पड़ी गेहूं की फसल भीगने से खराब होने लगी है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है।
मौसम में आई ठंडक का असर तापमान पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.4 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया है। राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान केलांग में 3.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा कल्पा में 4.4 डिग्री, कुकुमसेरी में 5.1 डिग्री, कुफरी में 6.6 डिग्री और मनाली में 8.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मई महीने में भी मौसम सामान्य नहीं रह पा रहा है। मौसम विभाग ने लोगों, किसानों और बागवानों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।





